देहरादून: उत्तराखंड के हरिद्वार में कोरोना वायरस की जांच से कथिततौर पर बचने का प्रयास कर रहे तबलीगी जमात के दो सदस्यों के खिलाफ पुलिस ने मंगलवार को हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया है. डीजीपी (कानून व्यवस्था) अशोक कुमार ने कहा कि तबलीगी जमात के दो सदस्य हाल ही में राजस्थान के अलवर से लौटे थे. वे जांच से बचने के लिए जानबूझकर छिपे हुए थे. Also Read - महाराष्‍ट्र में कोरोना से आज 85 मौतें के साथ अब तक करीब 2000 मृत, कुल 60 हजार पॉजिटिव केस

अधिकारी ने कहा, ‘‘उनके दोस्त में कोविड-19 संक्रमण की पुष्टि हुई है. प्रशासन द्वारा बार-बार अपील करने और चेतावनी देने के बावजूद जांच कराने से बचने के लिए वे छिप रहे थे. इस कारण उन्होंने अपना और दूसरों का जीवन भी खतरे में डाल दिया.” डीजीपी ने कहा कि इलेक्ट्रॉनिक निगरानी की मदद से उनका पता लगाकर उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. Also Read - ICC Meeting: टी20 विश्‍व कप 2020 के भविष्‍य को लेकर फैसला 10 जून तक स्‍थगित

वहीं दूसरी तरफ असम के एक विधायक को अस्पतालों पर ‘‘अपमानजनक’’ बातें करना महंगा पड़ा. वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया. दरअसल असम में कोविड-19 के मरीजों के लिए बनाए गए अस्पतालों और पृथक केन्द्रों की हालत, निरोध केन्द्रों से बदतर बताने के आरोप में गिरफ्तार किए गए विपक्ष के एक विधायक को मंगलवार को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया. Also Read - दिल्‍ली एम्स में अभी तक 195 स्वास्थ्यकर्मी कोरोना से संक्रमित हो चुके हैं, 2 की जान गई

असम के पुलिस महानिदेशक भास्कर ज्योति महंत ने बताया कि अखिल भारतीय संयुक्त गणतांत्रिक मोर्चा (एआईडीयूएफ) के ढिंग निर्वाचन क्षेत्र से विधायक अमीनुल इस्लाम को प्राथमिक जांच के बाद आज सुबह गिरफ्तार किया गया. विधायक की एक ऑडियो क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हो गई थी, जिसमें वे अस्पतालों और पृथक केन्द्रों के संबंध में ‘‘अपमानजनक’’बातें कर रहे हैं.