नई दिल्लीः नागरिकता कानून पर देश भर के कई हिस्सों में व्यापक विरध प्रदर्शन देखने को मिल रहा है. उत्तर प्रदेश में इस विरोध की आग अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी से फैली. विरोध प्रदर्शन के दौरान अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में काफी हिंसा देखने को मिली थी. राज्य की योगी सरकान ने अब इस हिंसा के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है. प्रदेश सरकार ने एएमयू के दस हजार अज्ञात छात्रों के खिलाफ केस दर्ज किया है.Also Read - Uttar Pradesh Rural Economy: यूपी की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को 1 हजार करोड़ के निवेश से मिलेगी विकास की रफ्तार

आपको बता दें कि यह कार्रवाई 15 दिसंबर की हिंसा के खिलाफ की गई है. इस दिन एनआरसी और नागरिकता कानून को लेकर कॉलेज में उग्र प्रदर्शन हुआ था. अब तक पूरे राज्य में विरोध प्रदर्शन में लगभग 20 लोगों की मौत हो चुकी है. Also Read - Parliament Monsoon Session 2021: अभी तैयार नहीं हुए CAA के नियम, केंद्र ने कहा- 6 महीने और लगेंगे

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वहीं दूसरी तरफ लखनऊ के नदवा कॉलेज के चार हजार अज्ञात छात्रों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है. कुछ दिन पहले ही AMU के छात्रों, शिक्षकों और गैर शिक्षण कर्मचारियों सहित करीब 1,200 अज्ञात लोगों के खिलाफ धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा के कथित उल्लंघन को लेकर केस दर्ज किया गया है.

15 दिसंबर के प्रदर्शन के बाद पुलिस और छात्रो के बीच काफी आरोप प्रत्यारोप भी हुए. छात्रों ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया था कि पुलिस कॉलेज कैंपस में बिना इजाजत के घुसी और छात्रों के साथ मारपीट की.

अब प्रदेश सरकार हिंसा फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई के लिए मूड बना चुकी है और इसके लिए सरकार की तरफ से निर्देश भी जारी कर दिए गए हैं. प्रदर्शन में शामिल उपद्रवियों की सरकार पहचान कर रही है और राज्य के कई शहरों में पोस्टर भी लगाए गए हैं.