चुनाव में पकड़ा गया कैश कहां और किसके पास होता है जमा, जानिए उन पैसों का फिर क्या होता है?

चुनाव आयोग के नियम उम्मीदवार को 50,000 रुपये से अधिक कैश रखने की अनुमति नहीं देता है. आइए जानते हैं इससे ज्यादा कैश मिलने पर कहां रखा जाता हैं? ECI के नियम क्या कहते हैं?

Published date india.com Published: October 10, 2025 11:00 PM IST
चुनाव में पकड़ा गया कैश कहां और किसके पास होता है जमा, जानिए उन पैसों का फिर क्या होता है?

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की तारीखें घोषित होते ही आचार संहिता लागू हो चुकी है. इस दौरान चुनाव आयोग ने सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं, ताकि चुनाव निष्पक्ष और पारदर्शी रहें. ECI ने साफ किया कि अगर किसी के पास बिना दस्तावेज के 50,000 रुपये से अधिक नकद रकम पाई जाती है, तो उसे तुरंत जब्त कर लिया जाएगा. चुनावी प्रक्रिया में काले धन के इस्तेमाल को रोकने के लिए यह कदम बेहद जरूरी माना जा रहा है.

कैसे पकड़ा जाता है कैश?

चुनाव आयोग के निर्देशों के मुताबिक, जब्त कैश की जांच और कार्रवाई के लिए फ्लाइंग स्क्वॉड, स्थिर निगरानी टीम और स्थानीय पुलिस जिम्मेदार होती है. ये टीमें संदिग्ध वाहनों और व्यक्तियों की तलाशी लेती हैं. अगर किसी व्यक्ति के पास 50 हजार रुपये से अधिक नकदी मिलती है और उसके पास उसका वैध दस्तावेज नहीं है, तो कैश को तुरंत सील करके रिटर्निंग ऑफिसर को सौंपा जाता है. यह प्रक्रिया जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 के तहत होती है, जिससे चुनाव में किसी भी तरह की गड़बड़ी या धनबल का प्रयोग रोका जा सके.

जब्त किया कैश कहां जमा होता है?

जब भी किसी व्यक्ति से नकदी जब्त होती है, उसे पहले स्थानीय ट्रेजरी – यानी सरकारी कोष में जमा कराया जाता है. अगर जब्त की गई राशि 10 लाख से अधिक है, तो इसकी सूचना आयकर विभाग को भी दी जाती है. व्यक्ति अगर यह साबित कर देता है कि पैसा वैध स्रोत से आया था, तो कोर्ट या संबंधित अधिकारी के आदेश पर कैश वापस किया जा सकता है. इसके लिए 30 दिनों के अंदर आवेदन देना जरूरी होता है, जिसमें बैंक स्टेटमेंट, निकासी स्लिप या खर्च का सबूत दिखाना होता है. अगर प्रमाण नहीं मिलते, तो वह पैसा स्थायी रूप से सरकार के खजाने में चला जाता है.

उम्मीदवारों के लिए क्या नियम है?

बिहार चुनाव 2025 में उम्मीदवारों के लिए चुनाव खर्च की सीमा 40 लाख रुपये तय की गई है. हर उम्मीदवार को अलग बैंक खाता खोलना अनिवार्य है, ताकि खर्च का पूरा हिसाब दिया जा सके. वहीं आम नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे इस अवधि में कैश ले जाते समय पहचान और प्रमाण पत्र जरूर रखें. अगर कोई व्यक्ति चुनाव को प्रभावित करने के लिए अवैध कैश का इस्तेमाल करता है, तो IPC की धारा 171B और 171C के तहत सजा और जुर्माना दोनों हो सकते हैं. इन सख्त नियमों का उद्देश्य यही है कि चुनाव प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष बनी रहे.

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