नई दिल्ली. देश के कई राज्यों में कैश संकट की सूचना के बीच टैक्स अथॉरिटीज नकदी जमाखोरों के खिलाफ छापेमारी कर रही है. कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में 35-35 जगहों पर छापेमारी हुई. बताया जा रहा है कि सबसे ज्यादा संकट आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में है, वहां इनकम टैक्स डिपार्टमेंट जांच कर रही है. दूसरी तरफ सूचना है कि नासिक में स्याही खत्म होने के कारण 200 रुपये और 500 रुपये के नोटों की छपाई रुक गई है. सीबीआई चेयरमैन रजनीश कुमार ने कैश संकट पर कहा है, शुक्रवार तक कैश संकट खत्म हो जाएगा. उन्होंने कहा कि ऐसे राज्य जहां कैश की दिक्कत है, वहां कैश भेज दिए गए हैं.Also Read - रेड पड़ी तो अफसर ने नोटों से भरा बैग दूसरे की बिल्डिंग में फेंका, 38.12 लाख कैश मिला, 25 संपत्तियां जब्‍त

टैक्स अथॉरिटीज को अभी तक की छापेमारी में बहुत अधिक मात्रा में कैश नहीं मिला है. 2 हजार रुपये की जमाखोरी की सूचना पर छापेमारी और तेज हो सकती है. इसके लिए ऐसे व्यक्तियों और इकाइयों पर फोकस किया जा रहा है जिन्होंने पिछले कुछ सप्ताह में बड़ी मात्रा में कैश निकाला है. अथॉरिटीज यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस जमाखोरी का कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना चुनाव से कोई लिंक है क्या? Also Read - Air India से टिकट अब से उधार में नहीं, सभी मंत्रालय और विभाग नगद ही खरीदें: केंद्र सरकार

स्याही की कमी
दूसरी तरफ ये भी कहा जा रहा है कि नासिक में नोटों की छपाई में जिस आयातित स्याही का इस्तेमाल होता है, वह खत्म हो गया है. ऐसे में 200 रुपये और 500 रुपये के नोटों की छपाई रुक गई है. देश में कैश की कमी का ये भी कारण है. हालांकि, उन्होंने ये स्पष्ट नहीं किया कि नोटों की छपाई कब से बंद है. Also Read - भीख मांगने वाली वृद्ध महिला का खजाना सामने आया, नोट गिनने में लगे कई लोग

नकदी की कोई कमी नहीं
वहीं, सरकार और रिजर्व बैंक का कहना है कि देश में नकदी की कोई कमी नहीं है. एसबीआई रिसर्च के एक नोट में बुधवार को कहा गया है कि प्रणाली में नकदी की कमी 70,000 करोड़ रुपए की है, जो एटीएम से निकाली जाने वाली मासिक राशि का एक-तिहाई है. एसबीआई रिसर्च की यह रिपोर्ट ऐसे समय में आई है जब नकदी संकट का मुद्दा छाया हुआ है. नकदी की कमी का आकलन आर्थिक वृद्धि, जनता के पास नकदी और डिजिटल लेनदेन में वृद्धि से निकाला जाता है. यदि सकल घरेलू उत्पाद की वृद्धि दर 9.8 प्रतिशत हो तो मार्च, 2018 तक जनता के पास मौजूद नकदी 19,400 अरब रुपए पर होगी, जबकि वास्तविक उपलब्धता 17,500 अरब रुपए की है. ऐसे में कमी 1,900 अरब रुपए की होगी, जिसे कमी नहीं माना जा सकता.