नई दिल्ली: केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने रिश्वतखोरी के मामले में दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के ओएसडी गोपाल कृष्ण माधव की गिरफ्तारी के संबंध में आईएएस अधिकारी उदित प्रकाश राय के परिसरों पर शुक्रवार को छापे मारे. इसके बाद  दिल्ली सरकार के कई और अधिकारी मामले में एजेंसी की जांच के दायरे में हैं. सूत्रों ने कहा कि एजेंसी को अब तक इस मामले में सिसोदिया की संलिप्तता का नहीं पता चला है.

केंद्रीय जांच एजेंसी के अधिकारियों ने बताया कि अक्टूबर 2019 से दिल्ली सरकार के जीएसटी विभाग में तैनात माधव को एक बिचौलिए की ओर से मिली सूचना के आधार पर गुरुवार शाम को गिरफ्तार किया गया. इस बिचौलिए को बुधवार को पकड़ा गया था, जो ओएसडी की तरफ से ट्रांसपोर्टरों से रिश्वत लेता था.

अधिकारियों ने बताया कि पूछताछ के दौरान माधव ने आईएएस अधिकारी राय की संलिप्तता का आरोप लगाया है, जिसके बाद एजेंसी ने उनके परिसरों की तलाशी ली. राय असम-मेघालय और अरुणाचल प्रदेश-गोवा-मिजोरम-केंद्र शासित प्रदेश (कैडर) के 2007 बैच के आईएएस अधिकारी हैं.

सूत्रों ने बताया कि एजेंसी माधव और आईटीओ इलाके में स्थित जीएसटी विभाग के अन्य अधिकारियों के कार्यालयों में भी छापे मार रही है. एजेंसी ने अहम माने जा रहे दिल्ली चुनाव से पहले, गुरुवार रात एक अभियान के तहत माधव को गिरफ्तार किया था. इससे पहले पांच फरवरी को एजेंसी ने बिचौलिए धीरज गुप्ता को गिरफ्तार किया था, जिसने दावा किया था कि वह अधिकारी की तरफ से रिश्वत वसूलता था.

सूत्रों ने बताया कि यहां सिविल लाइंस में राय के आवास की तलाशी लेने के अलावा, एजेंसी रोहिणी में माधव के घर और वजीराबाद इलाके में धीरज गुप्ता के घर पर भी छापेमारी कर रही है. एक ट्रांसपोर्टर ने सीबीआई के पास पहुंच कर दावा किया था कि दिल्ली सरकार के जीएसटी अधिकारी ट्रक छोड़ने के लिए रिश्वत मांग रहे हैं.

सूत्रों ने बताया कि गुप्ता ने दावा किया कि उसके उच्च रैंक वाले जीएसटी अधिकारियों के साथ अच्छे संपर्क हैं और ट्रांसपोर्टर के दो ट्रकों को छुड़वाने के लिए 3.5 लाख रुपए मांगे. जांच एजेंसी ने गुप्ता के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की और बुधवार को एक जाल बिछा कर 2.26 लाख रुपए की रिश्वत की रकम लेते हुए गिरफ्तार कर लिया.

सीबीआई के प्रवक्ता ने कहा, ”सीबीआई ने दिल्ली के निवासी धीरज गुप्ता के अलावा दिल्ली सरकार के व्यापार एवं कर विभाग के एक जीएसटी अधिकारी को 2.26 लाख रुपए के रिश्वतखोरी मामले में गिरफ्तार किया है, जो दिल्ली के उपमुख्यमंत्री के ओएसडी भी हैं.”

पूछताछ के दौरान गुप्ता ने दावा किया कि वह माधव की तरफ से रिश्वत वसूल रहा था. माधव व्यापार एवं कर विभाग में दिल्ली, अंडमान तथा निकोबार द्वीप समूह सिविल सेवा (दानिक्स) के अधिकारी हैं.

प्रवक्ता ने कहा, आरोप है कि एक व्यक्ति (गुप्ता) ट्रांसपोर्टरों पर जीएसटी नहीं लगाने के लिए उनसे अवैध राशि वसूलने के लिए माधव समेत जीएसटी विभाग के कुछ अधिकारियों की तरफ से बिचौलिए के तौर पर काम कर रहा था.

अधिकारियों ने बताया कि माधव को तत्काल एजेंसी के मुख्यालय ले जाया गया और सीबीआई अधिकारियों ने उससे विस्तार से पूछताछ की. उन्होंने बताया कि विशेष अदालत ने गुप्ता को न्यायिक हिरासत में भेज दिया, जबकि माधव को शुक्रवार को अदालत के समक्ष पेश किया जाएगा.

सीबीआई अधिकारियों के मुताबिक माधव को 2015 में सिसोदिया के कार्यालय में तैनात किया गया था. वह अगस्त 2003 में हेड क्लर्क के तौर पर सेवा में शामिल हुए थे.

सिसोदिया ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए ट्वीट किया, ”मुझे पता चला है कि सीबीआई ने जीएसटी इंस्पेक्टर को रिश्वत लेने के लिए गिरफ्तार किया है. यह अधिकारी मेरे कार्यालय में ओएसडी (ऑफिसर ऑन स्पेशल ड्यूटी) के तौर पर भी तैनात था. सीबीआई को उसे तुरंत सख्त से सख्त सजा दिलवानी चाहिए. ऐसे कई भ्रष्टाचारी अधिकारी मैंने खुद पिछले पांच साल में पकड़वाए हैं.”