नई दिल्ली: केन्द्रीय कोयला राज्य मंत्री हरिभाई पी चौधरी ने सोमवार को सीबीआई के वरिष्ठ अधिकारी एम के सिन्हा द्वारा उनके खिलाफ लगाये गये आरोपों को ‘‘आधारहीन और दुर्भावनापूर्ण’’ बताया. चौधरी ने कहा कि यदि ये आरोप साबित हो जाते हैं तो वह राजनीति छोड़ देंगे. वहीं, कांग्रेस ने आरोपों को गंभीर बताते हुए इसकी स्‍वतंत्र जांच की मांग की है.

सीबीआई को लेकर चल रहा विवाद सोमवार को वरिष्ठ अधिकारी एम के सिन्हा द्वारा राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल तथा केन्द्रीय मंत्री चौधरी और केन्द्रीय सतर्कता आयुक्त के वी चौधरी का नाम लिये जाने के बाद और गहरा गया. सिन्हा ने इन पर सीबीआई के विशेष निदेशक राकेश अस्थाना के खिलाफ जांच में हस्तक्षेप के प्रयास करने के आरोप लगाये.

सुप्रीम कोर्ट में दायर अपनी याचिका में सिन्हा ने आरोप लगाया कि हैदराबाद के एक व्यवसायी सतीश बाबू सना, जो अस्थाना के खिलाफ मामले में शिकायतकर्ता है, ने पूछताछ के दौरान बताया कि जून 2018 के पहले पखवाड़े में केन्द्रीय मंत्री को कुछ करोड़ रुपये दिये गये थे. केन्द्रीय मंत्री ने एक बयान में कहा कि वह व्यवसायी को नहीं जानते हैं. उन्होंने कहा, ‘‘मेरे खिलाफ बिल्कुल झूठे और आधारहीन आरोप लगाए गए हैं. मैं न तो सतीश बाबू सना को जानता हूं, और न ही मैं उससे मिला हूं….’’

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उन्होंने कहा, ‘‘मुझे आज विभिन्न मीडिया रिपोर्टों से पता चला कि माननीय सुप्रीम कोर्ट में एक हलफनामा दाखिल किया गया है जिसमें इस मामले का उल्लेख किया गया है. मैं मेरी छवि को धूमिल करने के इस दुर्भावनापूर्ण प्रयास की निंदा करता हूं. मैं इस मामले में किसी भी जांच का स्वागत करूंगा और कानून को अपना काम करना चाहिए. यदि मैं दोषी साबित हो जाता हूं तो मैं राजनीति छोड़ दूंगा.’’

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इधर कांग्रेस ने सीबीआई के डीआईजी द्वारा सुप्रीम कोर्ट में दाखिल हलफनामे में लगाये गये भ्रष्टाचार के आरोपों की स्वतंत्र जांच की सोमवार को मांग की. पार्टी ने कहा कि उनसे प्रधानमंत्री कार्यालय और मोदी सरकार के कामकाज पर सवाल खड़े हो गये हैं. पार्टी ने यह भी कहा कि वह संसद में यह मुद्दा उठायेगी.

कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने आरोप लगाया कि डीआईजी मनोज कुमार सिन्हा ने अपने हलफनामे में सीबीआई के विशेष निदेशक राकेश अस्थाना के खिलाफ जांच में दखल के कथित प्रयासों को लेकर केंद्रीय मंत्री हरिभाई पारथीभाई चौधरी, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और केंद्रीय सतर्कता आयुक्त के वी चौधरी के नाम लिये हैं.

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के वी चौधरी से जब प्रतिक्रिया मांगी गयी तो उन्होंने कुछ नहीं कहा. डोभाल टिप्पणी के लिए उपलब्ध नहीं थे. मंत्री के कार्यालय के एक अधिकारी ने कहा कि उन्हें मामले की जानकारी नहीं है. सुरजेवाला ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सवाल किया कि क्या ‘ना खाऊंगा, ना खाने दूंगा’ का नारा अब ‘सब खाने वालों को बचाउंगा, आंख मूंद देखता जाऊंगा’ में बदल गया है. उन्होंने प्रश्न किया, ‘‘कौन भ्रष्ट व्यक्तियों की मदद कर रहे हैं? क्या भ्रष्ट व्यक्तियों की मदद कर रहे लोग प्रधानमंत्री कार्यालय में बैठे हैं?’’