नई दिल्ली. सीबीआई ने रोटोमैक कंपनी के मालिक विक्रम कोठारी और उनके बेटे को बुधवार सुबह पूछताछ के लिए दिल्ली स्थित हेडक्वॉर्टर बुलाया. सीबीआई के हेडक्वॉर्टर में विक्रम कोठारी और उनके बेटे से पूछताछ जारी है. प्रवर्तन निदेशालय ने मंगलवार को देश में भूमि, समुद्र और हवाईअड्डों में सभी निकास द्वारों को अधिसूचित कर दिया ताकि रोटोमैक पैन का प्रमोटर विक्रम कोठारी व उसके परिवार के सदस्य देश छोड़ कर न जा सकें. 

'लिखते-लिखते लव हो जाए' से लेकर सीबीआई के शिकंजे तक...विक्रम कोठारी की कहानी

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कोठारी के खिलाफ 3,695 करोड़ रुपये के कथित बैंक ऋण की धोखाधड़ी को लेकर मनी लॉन्ड्रिंग जांच चल रही है. जांच एजेंसी ने इस मामले में सबूत जुटाने के लिए उन्नाव और कानपुर सहित उत्तर प्रदेश में कई जगहों पर छापे भी मारे. आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि प्राथमिक जांच के अनुसार, ऋण की राशि का इच्छित उद्देश्यों के लिए उपयोग नहीं किया गया. Also Read - 60 हजार रुपये में बेची गई दिल्ली की नाबालिग लड़की, साले से शादी कराना चाहता था राजस्थान का गोपाल लेकिन....

कोठारी, उसकी पत्नी साधना और पुत्र राहुल देश छोड़ कर भाग न सकें, यह सुनिश्चित करने के लिए एक लुकआउट नोटिस जारी कर केंद्रीय जांच एजेंसी द्वारा आव्रजन प्राधिकारियों को अधिसूचित किया गया है. प्रवर्तन निदेशालय ने धनशोधन की रोकथाम कानून (पीएमएलए) के तहत रोटोमैक कंपनी और उसके प्रमोटरों के खिलाफ 18 फरवरी को आपराधिक आरोप लगाए। यह आरोप, सीबीआई द्वारा उसी दिन दर्ज एक प्राथमिकी के आधार पर लगाए गए।

11 बैंक खातों में लेनदेन पर रोक

सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय के बाद अब आयकर विभाग ने रोटोमैक समूह और उसके प्रमोटरों के खिलाफ अपनी कार्रवाई तेज कर दी है. अधिकारियों ने कथित टैक्स चोरी जांच के संबंध में 11 बैंक खातों में लेन-देन को रोक दिया गया है. अधिकारी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में विभिन्न बैंक शाखाओं में उनके खातों पर लेनदेन पर रोक लगाई गई. शुरुआती जब्ती कार्रवाई करीब 85 करोड़ की ‘बकाया टैक्स मांग’ को ध्यान में रखकर की गई है. उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा पिछली जनवरी में समूह के तीन खातों में लेन-देन पर रोक लगाई गई थी.

सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय सात बैंकों के समूह द्वारा कानपुर के इस समूह को दिये गए 3,695 करोड़ रूपये के कर्ज में धोखाखड़ी की जांच कर रहे हैं. सीबीआई ने बैंक ऑफ बड़ौदा से मिली शिकायत पर रोटोमैक ग्लोबल प्राइवेट लिमिटेड, उसके निदेशक विक्रम कोठारी, उनकी पत्नी साधना कोठारी, बेटे राहुल कोठारी और अज्ञात बैंक अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया था और छापेमारी भी की थी.