नई दिल्ली. केंद्रीय अन्वेष ब्यूरो (CBI) में चल रहा विवाद सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया है. इस मामले में शुक्रवार को सुनवाई होगी. सीबीआई के निदेशक आलोक वर्मा, विशेष निदेशक राकेश अस्थाना और सीवीसी के मामले लेकर उनके वकील कोर्ट में मौजूद रहेंगे. ऐसे में ये खास हो गया कि इन सबका वकील कौन है, जो देश के इस गंभीर मामले में इनकी दलीलें रखेगा.

बता दें कि आलोक वर्मा की तरफ से सीनियर एडवोकेट फाली एस नरीमन सुप्रीम कोर्ट में पक्ष रखेंगे. यह याचिक आलोक कुमार वर्मा ने छुट्टी पर भेजे जाने के बाद डाली है. वहीं, दूसरी तरफ विशेष निदेशक राकेश अस्थाना की तरफ से पूर्व अटार्नी जनरल मुकुल रोहतगी कोर्ट में दलीलें देंगे. सीवीसी को भी कोर्ट में अपना पक्ष रखना है और उसकी तरफ से कोर्ट में सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता मौजूद रहेंगे.

इस दौरान न्यूज एजेंसी एएनआई से राकेश अस्थाना के वकील मुकुल रोहतगी ने कहा, यह बाकी केसों की तरफ सिर्फ एक केस है. इसमें बड़ा क्या है? उन्होंने स्पष्ट तौर पर कहा कि आप जितना सोच रहे हैं, ये केस उतना अहम नहीं है.

बता दें कि आलोक वर्मा ने उन्हें छुट्टी पर भेजे जाने के साथ ही सीबीआई निदेशक का अंतरिम प्रभार एम नागेश्वर को देने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंचे हैं. नागेश्वर राव साल 1986 बैच के ओडिशा कैडर के अधिकारी हैं और एजेंसी के संयुक्त निदेशक पद पर तैनात रहे हैं.