नई दिल्ली: सीबीआई के विशेष निदेशक राकेश अस्थाना के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी की जांच कर रहे सीबीआई अधिकारी को नागपुर स्थानांतरित कर दिया गया. जिसे लेकर सीबीआई अधिकारी मनीष कुमार सिन्हा सोमवार को उच्चतम न्यायालय की शरण में पहुंचे. शीर्ष अदालत से उन्होंने अपना तबादला नागपुर किए जाने के आदेश को रद्द करने का अनुरोध किया.

CBI के विशेष निदेशक राकेश अस्थाना के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच अब नई टीम करेगी

भ्रष्टाचार के कथित मामले में राकेश अस्थाना की भूमिका की जांच कर रही टीम का हिस्सा रहे आईपीएस अधिकारी मनीष कुमार सिन्हा ने मंगलवार को अविलंब सुनवाई के लिए प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष अपनी याचिका का उल्लेख किया. इस पीठ में न्यायमूर्ति एस के कौल और न्यायमूर्ति के एम जोसेफ भी शामिल हैं. गौरतलब है कि यह पीठ अधिकार छीनने और अवकाश पर भेजने संबंधी सरकारी आदेश को चुनौती देने वाली सीबीआई निदेशक आलोक वर्मा की याचिका पर कल सुनवाई करने वाली है.

CBI में रारः आलोक वर्मा और अस्थाना से वापस लिए गए सारे अधिकार

बता दें कि 1984 बैच के भारतीय पुलिस सेवा के गुजरात कैडर के अधिकारी अस्थाना पर एक कारोबारी से दो करोड़ रुपये का रिश्वत लेने का आरोप है, जो कुरैशी के मामले के तहत जांच के दायरे में थे. यह रकम उनको जांच को प्रभावित करने के लिए दिया गया था. मामला अस्थाना की अगुवाई में विशेष जांच दल (एसआईटी) द्वारा की जा रही थी. आईपीएस अधिकारी मनीष सिन्हा ने कहा कि उनकी अर्जी पर भी कल आलोक वर्मा की याचिका के साथ ही सुनवाई की जाए. उन्होंने आरोप लगाया है कि उनका तबादला नागपुर कर दिया गया है और इस वजह से वह अस्थाना के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी की जांच से बाहर हो गए हैं.

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