
Gargi Santosh
गार्गी संतोष Zee Media के India.com में सब-एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं. वह हाइपरलोकल, नेशनल और वर्ल्ड न्यूज सेक्शन संभालती हैं. गार्गी को लाइफस्टाइल, स्पोर्ट्स और वायरल ... और पढ़ें
केंद्रीय जांच एजेंसी (सीबीआई) ने अपने रिश्तेदार के नाम से संपत्ति खरीदने के लिए सरकारी खाते से कथित रूप से पैसे निकालने को लेकर एक आईएएस अधिकारी के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया है. जांच एजेंसियों के अधिकारियों ने बताया कि साल, 2003 बैच की एजीएमयूटी कैडर की आईएएस अधिकारी पद्मा जायसवाल ने 2007 में अरूणाचल प्रदेश के कामेंग में उपायुक्त रहने के दौरान ‘बड़ी प्रक्रियागत गड़बड़ी’ की थीं.
सीबीआई के एक प्रवक्ता की ओर से जारी किये गये बयान के मुताबिक, जांच एजेंसी ने आरोप लगाया है कि अपने सरकारी पद का दुरुपयोग करते हुए जायसवाल ने भ्रष्ट और अवैध तरीकों से निजी उद्देश्यों के लिए सरकारी खाते से नकदी निकाली. जायसवाल ने डिमांड ड्राफ्ट तैयार किए और उस राशि को चंडीगढ़ में भारतीय स्टेट बैंक की शाखा में निजी व्यक्तियों के खातों में भेज दिया.
आईएएस अधिकारी की प्रतिक्रिया जानने के लिए उनके सरकारी ई-मेल आईडी पर एक मेल भेजा गया. जिसका इस खबर के लिखे जाने तक कोई उत्तर नहीं आया. सीबीआई की जांच में सामने आया कि जायसवाल ने कथित तौर पर सरकारी धन से बनाए गए तीन डीसीआर (डिपोजिट एट कॉल रिसीट) को तोड़कर 28 लाख रुपये के 10 डिमांड ड्राफ्ट जारी करवाए. फिर इस राशि का उपयोग अपने रिश्तेदारों के नाम अचल संपत्तियां खरीदने में किया.
सीबीआई द्वारा जारी किए गए बयान में कहा गया, यह भी आरोप लगाया गया है कि आरोपी (जायसवाल) ने कई मौकों पर कैशियर (फुनत्सोक) और एफएंडएओ (सोनार) को अपने कार्यालय में बुलाया. फिर उनसे वापसी योग्य आधार पर नकद पैसे निकालने को कहा, और कथित तौर पर उक्त राशि का दुरुपयोग किया.
जांच एजेंसी ने आरोप लगाया है कि जायसवाल ने अन्य आरोपियों के साथ साजिश करके 28 लाख रुपये की राशि के ड्राफ्ट और कॉल रिसीट (डीसीआर) तैयार करवाकर खजाने से राशि जारी करवाने के लिए बड़ी प्रक्रियागत चूक की.
(इनपुट-एजेंसी के साथ)
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