नई दिल्ली: सीबीआई ने यूनाइटेड बैंक आफ इंडिया की पूर्व चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक अर्चना भार्गव के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज किया है. जांच एजेंसी ने भार्गव के खिलाफ अपनी आय से 3.6 करोड़ रुपए की अधिक संपत्तियां बनाने का मामला पाया है. एजेंसी का आरोप है कि 2004 से 2014 के दौरान विभिन्न बैंकों में वरिष्ठ पद पर रहते हुए भार्गव ने 4.89 करोड़ रुपए की संपत्तियां बनाईं और 1.47 करोड़ रुपए का अतिरिक्त खर्च किया. इस दौरान उनकी आय 2.73 करोड़ रुपए थी. Also Read - अनुराग कश्यप के खिलाफ FIR दर्ज कराएंगी पायल घोष, एडल्ट मूवी चलाकर आपत्तिजनक हालत में खड़े हो गए थे डायरेक्टर

अपनी प्राथमिकी में सीबीआई ने कथित रूप से गैरकानूनी तरीके से जुटाई गई संपत्तियों का मूल्य 3.63 करोड़ रुपए बताया है, जो भार्गव की ज्ञात स्रोत से आमदनी से 133.23 प्रतिशत अधिक है. Also Read - 17 साल के लड़के को महंगी लाइफ स्‍टाइल का लगा चस्‍का, दादाजी के खाते से निकाल ल‍िए 15 लाख रुपए

भार्गव 2004 में पंजाब नेशनल बैंक की उप महाप्रबंधक बनी थीं, जबकि 2008 में वह महाप्रबंधक हो गई थीं. एक अप्रैल, 2011 से 22 अप्रैल, 2013 तक वह केनरा बैंक में कार्यकारी निदेशक रहीं. वह 23 अप्रैल, 2013 को यूनाइटेड बैंक आफ इंडिया की चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक बनीं. इस पद पर वह 20 फरवरी, 2014 तक रहीं. Also Read - CBI की स्पेशल कोर्ट ने जारी किया आदेश- अरुण शौरी व अन्य पर दर्ज हो FIR, होटल विनिवेश में धांधली का है आरोप

मौजूदा मामला भार्गव के खिलाफ 2016 में दर्ज भ्रष्टाचार से मामले से जुड़ा है. उसमें सीबीआई ने आरोप लगाया था कि भार्गव ने अपने लिए या फिर अपने पति और पुत्र की निजी कंपनियों के लिए उन कंपनियों से कुछ राशि हासिल की, जिन्हें उन बैंकों से ऋण सुविधा दी गई थी जिनमें वह पहले रह चुकी थीं.

छापेमारी के दौरान एजेंसी ने भार्गव और उनके परिवार के सदस्यों के नाम वाले लॉकरों से 2.85 करोड़ रुपए के आभूषण और 10.50 लाख रुपए नकद जब्त किए.

इसके अलावा उनके और परिवार के सदस्यों के नाम पर 5.42 करोड़ रुपए की जमा, उनके बैंक खातों में 2.26 करोड़ रुपए की जमा, दो संपत्तियों के कागजात…नोएडा में तीन मंजिला बंगला और वसंत कुंज में फ्लैट, दिल्ली और मुंबई में परिवार के सदस्यों के नाम पर दो संपत्तियों के दस्तावेज जब्त किए गए.