अमरावती: केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के पूर्व संयुक्त निदेशक वी.वी. लक्ष्मीनारायण जन सेना पार्टी के टिकट पर विशाखापत्तनम लोकसभा सीट से चुनाव लड़ेंगे. पार्टी ने मंगलवार को यह घोषणा की. लक्ष्मीनारायण के नाम के साथ ही पार्टी ने आंध्र प्रदेश विधानसभा की आठ सीटों के लिए भी अपने उम्मीदवारों के नामों की घोषणा की. इसके साथ ही अभिनेता पवन कल्याण की पार्टी अबतक 10 लोकसभा सीटों और 87 विधानसभा सीटों के लिए उम्मीदवारों की घोषणा कर चुकी है. पार्टी ने पहले इस सीट से गडेला श्रीनीबाबू को अपने उम्मीदवार बनाया था, लेकिन वह बाद में वाईएसआर कांग्रेस पार्टी में शामिल हो गए.

सीबीआई के ज्‍वाइंट डायरेक्‍टर ने समाजसेवा के लिए छोड़ी थी नौकरी, अब करेंगे राजनीत‍ि

लक्ष्मीनारायण ने पिछले वर्ष पुलिस सेवा छोड़ दी थी. उन्होंने बीते रविवार को जन सेना में शामिल होकर अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत की. भारतीय पुलिस सेवा के पूर्व अधिकारी ने कहा था कि वह किसी भी संसदीय क्षेत्र से चुनाव लड़ने के लिए तैयार हैं.

कौन हैं लक्ष्‍मी नारायण
वीवी लक्ष्‍मी नारायण एक इंजीनियर पिता के बेटे थे. उनका जन्‍म 3 अप्रैल 1965 को आंध्र प्रदेश के श्रीसेलम में हुआ था. उन्‍होंने वारंगल के रीजन‍ल इंजीनियरिंग कॉलेज से बीई किया था और आईआईटी मद्रास से एमटेक किया था. उनका सपना एक आईपीएस अफसर बनना था और 1990 बैच के इस आईपीएस अफसर को महाराष्‍ट्र कैडर मिला. एक पुलिस अधिकारी के तौर पर शुरुआत से ही लक्ष्‍मी नारायण ने भ्रष्‍टाचार के खिलाफ अपना मिशन शुरू कर दिया था. एक ओर वह भ्रष्‍टाचार के खिलाफ शख्‍त आईपीएस अफसर थे वहीं, आम लोगों के लिए बेहद आत्‍मीय भाव से मिलने वाले पुलिस अफसर. वह गहरे सामाजिक सरोकारों के प्रति लगाव के लिए भी जाने जाते थे. लक्ष्‍मी नारायण नांदेड़ में 1998-99 के दौरान एसपी रहे. उन्‍होंने महाराष्‍ट्र के आतंकवादी विरोधी स्‍क्‍वैड में भी बड़ी जिम्‍मेदारी निभाई थी.

वाई श्रेणी का सुरक्षा घेरा मिला था
वीवी लक्ष्‍मी नारायणने महाराष्‍ट्र में आईजी रहते मुंबई में हाई प्रोफाइल करप्‍शन के मामलों को डील‍ किया था. उन्‍हें वाई कैटेगरी की सुरक्षा कवच दिया गया था.

20 से ज्‍यादा हाईप्रोफाइल मामलों को हल किया
सीबीआई में ज्‍वाइंट डायरेक्‍टर होने पर लक्ष्‍मी नारायण ने लगभग 20 से ज्‍यादा हाई प्रोफाइल मामलों की जांच करके हल किया. इनमें से प्रमुख केस ये हैं
-जी जनार्दन रेड्डी द्वारा अवैध माइनिंग करने का मामला
– एमार प्रॉपर्टीज,
– सोहराबुद्दीन शेख फर्जी एनकाउंटर
– वाईएस जगन रेड्डी की संपत्‍त‍ि का केस
– सत्‍यम स्‍कैम

इन मामलों से आए थे चर्चाओं में
– आंध्र प्रदेश के पूर्व सीएम वायएसआर रेड्डी के बेटे के खिलाफ संपत्‍त‍ि की जांच और सत्‍यम कंम्‍प्‍यूर्स मामले की जांच से वह सबसे ज्‍यादा चर्चाओं में रहे

सादगी पसंद: लक्ष्‍मी नारायण बेहद सादगी पसंद आईपीएस अफसर रहे हैं, वह कई बार सार्वजनिक बसों और साधारण वाहनों से चलते हुए देखे गए हैं

मोटिवेशन, मेडिटेशन योग में रुचि: आईपीएस लक्ष्‍मी नारायण एक अच्‍छे मोटिवेशनल स्‍पीकर भी हैं. वह समाज में सकारात्‍मक चेतना जगाने के लिए हमेशा आगे रहते रहे हैं. मेडिटेशन में भी उनकी बहुत गहरी रुचि थी. नांदेड़ में एसपी रहते हुए जब उन्‍हें एक अच्‍छे मेडिटेशन टीचर का पता चला तो उन्‍होंने ध्‍यान सीखने की अपनी रुचि बताई.