नई दिल्ली: आईएनएक्स मीडिया मामले में पूर्व वित्त मंत्री और कांग्रेस के सीनियर नेता पी चिदंबरम की मुश्किलें बढ़ सकती हैं. सीबीआई ने आईएनएक्स मीडिया मामले में पूछताछ के लिए चिदंबरम को छह जून को तलब किया है. हालांकि दिल्ली हाईकोर्ट ने इस मामले में पी चिदंबरम की गिरफ्तारी पर तीन जुलाई तक के लिए रोक लगा दी है. न्यायमूर्ति ए के पाठक ने चिदंबरम से कहा कि सीबीआई द्वारा जब भी तलब किया जाए वह पूछताछ सत्र में शामिल हों.

अदालत ने नोटिस जारी कर जांच एजेंसी से चिदम्बरम की अग्रिम जमानत अर्जी पर जवाब मांगा और इस मामले की अगली सुनवाई की तारीख तीन जुलाई तय की. अदालत ने एजेंसी को तब तक के लिए उन्हें गिरफ्तार नहीं करने को कहा. चिदम्बरम की ओर से पेश वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल और सलमान खुर्शीद ने गुरुवार सुबह इन न्यायाधीश के सामने इस मामले को पेश किया और अदालत को आश्वासन दिया कि कांग्रेस नेता जांच एजेंसी के साथ सहयोग करेंगे.

सीबीआई की तरफ से पेश हुए अतिरिक्त सॉलीसीटर जनरल तुषार मेहता ने अग्रिम जमानत याचिका का विरोध किया था और कहा था कि चिदम्बरम को राहत के लिए उच्च न्यायालय के बजाय पहले निचली अदालत में जाना चाहिए था. उन्होंने कहा कि चिदम्बरम को सीबीआई द्वारा जारी नोटिस के संबंध में पूछताछ के लिए बुलाया गया है और देश के हर नागरिक के लिए कानून समान है. इस पर न्यायमूर्ति पाठक ने अतिरिक्त सॉलीसीटर जनरल से कहा, ‘आप यह बयान दीजिए कि आप उन्हें गिरफ्तार नहीं करने जा रहे है, अन्यथा मुझे संरक्षण देने की जरुरत होगी क्योंकि उन्हें अपनी गिरफ्तारी का डर है.

अधिकारियों ने बताया कि चिदम्बरम को गुरुवार को भी पूछताछ के लिए सीबीआई के सामने पेश होना था लेकिन वह पेश नहीं हुए. चिदंबरम ने एयरसेल-मैक्सिस मामले में गिरफ्तारी से बचाव के लिए एक सुनवाई अदालत में याचिका दायर की थी और इसके बाद आईएनएक्स मीडिया मामले में दिल्ली हाईकोर्च में राहत के लिए याचिका दायर की. गौरतलब है कि इस मामले में पी चिदंबर के बेटे कार्ति चिदंबरम को गिरफ्तार किया गया था. उन्हें कुछ दिन कस्टडी में बिताने पड़े थे.