नई दिल्ली: इंस्टाग्राम चैट ग्रुप ‘बॉयज लॉकर रूम’ (Boys Locker Room) मामले में दिल्ली हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका दायर कर केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से मामले की जांच कराने का निर्देश देने की मांग की गई. इस चैट ग्रुप में दुष्कर्म का महिमामंडन किया गया थाा और कमसिन लड़कियों की तस्वीरें साझा की गई थीं. Also Read - HC ने दिल्‍ली Govt से शराब पर लगाए गए ''स्‍पेशल कोरोना टैक्‍स'' पर जवाब मांगा

देव आशीष दुबे द्वारा दायर याचिका में कहा गया है कि इस मामले में सीबीआई या एसआईटी जांच की जरूरत है, क्योंकि इस घटना में शामिल छात्र रसूखदार परिवारों से ताल्लुक रखते हैं और स्थानीय पुलिस द्वारा जांच में बाधा डाल सकते हैं. याचिका में कहा गया है, “पूरे मामले की जांच एसआईटी या सीबीआई द्वारा कराने की जरूरत है, क्योंकि ये छात्र हाईप्रोफाइल परिवारों से संबंधित हैं और इस बात की आशंका है कि स्थानीय पुलिस द्वारा जांच या पूछताछ प्रभावित होगी और गलत काम करने वाले को कभी भी गिरफ्तार और दंडित नहीं किया जाएगा.” Also Read - शरजील ने किया हाईकोर्ट का रुख, ट्रायल कोर्ट के आदेश को दी गई चुनौती

बुधवार को सुनवाई के लिए याचिका आने की संभावना है. वकील दुष्यंत तिवारी और ओमप्रकाश परिहार के माध्यम से दायर याचिका में कोर्ट से केंद्र और दिल्ली सरकार को इस जघन्य अपराध को उजागर करने वाली लड़कियों और महिलाओं को सुरक्षा प्रदान करने के लिए निर्देश देने की मांग की गई, ताकि उन्हें ‘बॉयज लॉकर रूम’ के सदस्यों द्वारा नुकसान न पहुंचाया जा सके. याचिकाकर्ता ने मांग की कि दोषियों को यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण अधिनियम, 2012 की धारा के तहत भी दंडित किया जाए, क्योंकि अपराध नाबालिग लड़कियों के खिलाफ किया गया है और ग्रुप के कई सदस्य नाबालिग हैं. Also Read - दिल्ली अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष जफरुल इस्लाम खान ने पुलिस को दिया लैपटॉप, जांच हुई शुरू