नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी के करीबी माने जाने वाले कोलकाता के पूर्व पुलिस कमिश्नर राजीव कुमार के लिए एक बार फिर मुश्किलें खड़ी हो गई हैं. शारदा चिट फंड मामले में सीबीआई ने राजीव कुमार के खिलाफ लुक आउट नोटिस जारी कर दिया है. लोकसभा चुनाव की घोषणा होने से पहले सीबीआई ने राजीव कुमार पर शिकंजा कसने की कोशिश की थी, लेकिन ममता बनर्जी द्वारा खुलकर सामने आने और सीबीआई द्वारा कार्रवाई के लिए धरने पर बैठ जाने के बाद मामले ने सियासी तूफ़ान खड़ा कर दिया था.

सीबीआई ने ये नोटिस शारदा चिट फंड मामले में पूछताछ के लिए जारी किया है. उन्हें पूछताछ के लिए बुलाया गया है. सीबीआई उन्हें अरेस्ट भी कर सकती है. सीबीआई राजीव कुमार के घर भी पहुंची है. सीबीआई अधिकारी ने बताया कि कोलकाता के पूर्व पुलिस आयुक्त राजीव कुमार को सीबीआई की टीम ने सारदा घोटाले के सिलसिले में एक समन जारी किया गया है. सीबीआई ने राजीव कुमार को अपने कोलकाता स्थित कार्यालय में सोमवार को पेशी के लिए तलब किया है.

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बता दें कि बीती फरवरी, 2019 को राजीव कुमार के पीछे सीबीआई को ही अरेस्ट करा देने वाली ममता बनर्जी खुलकर सामने आ गई थीं. उन्होंने राजीव का पक्ष लिया था. राजीव कुमार को ममता बनर्जी का करीबी माना जाता है. राजीव पश्चिम बंगाल के 1989 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं. राजीव कुमार 2016 में पश्चिम बंगाल के पुलिस कमिश्नर बने. 2013 में शारदा चिटफंड घोटाला मामले की जांच के लिए राज्य सरकार द्वारा गठित स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम के अध्यक्ष चुना गया था.

ये है राजीव कुमार पर आरोप
राजीव कुमार पर आरोप है कि शारदा चिट फंड केस की जांच ठीक ढंग से नहीं की थी. इसके बाद वह खुद ही जांच के दायरे में आ गए थे. बताया जाता है कि एसआईटी के अध्यक्ष के तौर पर राजीव कुमार ने जम्मू-कश्मीर में शारदा प्रमुख सुदीप्त सेन और उनके सहयोगी देवयानी को गिरफ्तार किया था. इस मामले में कोर्ट के आदेश पर सीबीआई ने राजीव कुमार को आरोपित किया था.

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ये है चिटफंड घोटाला
पश्चिम बंगाल का चर्चित चिटफंड घोटाला 2013 में सामने आया था. कथित तौर पर तीन हजार करोड के इस घोटाले का खुलासा अप्रैल 2013 में हुआ था. आरोप है कि शारदा ग्रुप की कंपनियों ने गलत तरीके से निवेशकों के पैसे जुटाए और उन्हें वापस नहीं किया. इसके बाद इस घोटाले को लेकर पश्चिम बंगाल सरकार पर सवाल उठे थे. चिट फंड एक्ट-1982 के मुताबिक चिट फंड स्कीम का मतलब होता है कि कोई शख्स या लोगों का समूह एक साथ समझौता करे. इस समझौते में एक निश्चित रकम या कोई चीज एक तय वक्त पर किश्तों में जमा की जाए और तय वक्त पर उसकी नीलामी की जाए.जो फायदा हो बाकी लोगों में बांट दिया जाए. इसमें बोली लगाने वाले शख्स को पैसे लौटाने भी होते हैं.