नई दिल्ली: मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ के करीबी सहयोगियों और अन्य के घरों पर अप्रैल में आयकर के छापे के दौरान करीब 281 करोड़ रुपए बेनामी नकदी मिलने के मामले में सीबीआई जांच कर सकती है. अधिकारियों ने मंगलवार को इस बारे में बताया. इनकम टैक्‍स छापों के दौरान बिजनेस, राजनीति और लोकसेवा सहित विभिन्न क्षेत्र से जुड़े लोगों की 281 करोड़ रुपए बेनामी नकदी के सुनियोजित गिरोह का खुलासा हुआ था.

केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) से एक रिपोर्ट मिलने के बाद चुनाव आयोग ने मामले में जांच की मांग के लिए सरकार को पत्र लिखा था. कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) ने आवश्यक कार्रवाई के लिए इसे केंद्रीय जांच ब्यूरो के पास भेज दिया था.

एजेंसी भविष्य की कार्रवाई पर चुप्पी साधे है और पुष्टि भी नहीं की है क्या उसे शिकायत मिली है या नहीं. हालांकि, सरकार के सूत्रों ने बताया कि एजेंसी को शिकायत मिली है और प्रारंभिक आरोपों की पुष्टि की जा रही है.

सीबीडीटी ने कहा, मध्यप्रदेश में तलाशी में कारोबार, राजनीति और लोकसेवा सहित विभिन्न क्षेत्र से जुड़े लोगों की 281 करोड़ रुपए बेनामी नकदी के सुनियोजित गिरोह का पता चला.

सीबीडीटी ने कहा कि नकदी का एक हिस्सा दिल्ली में बड़े राजनीतिक दल के मुख्यालय तक भेजा गया. इसमें वह 20 करोड़ रुपए भी शामिल हैं, जो हाल में हवाला के जरिए दिल्ली के तुगलक रोड पर रहने वाले वरिष्ठ पदाधिकारी के घर से राजनीतिक दल के मुख्यालय पहुंचाए गए. हालांकि, सीबीडीटी ने न तो राजनीतिक पार्टी की और न ही वरिष्ठ पदाधिकारी की पहचान उजागर की है.