CBI raids at around 40 locations incl Jammu and Kashmir, Delhi, NEWS: केंद्रीय जांच एजेंसी सीबीआई ने जम्‍मू-कश्‍मीर में शस्‍त्र लाइसेंस स्‍कैम ( gun-arms license scam) के मामले में दिल्‍ली से लेकर जम्‍मू-कश्‍मीर में 40 से अधिक स्‍थानों पर छापे मारे हैं. सीबीआई ने तत्‍कालीन आईएएस अधिकारियों के कार्यालायों और निवास स्‍थानों पर भी छापे मारें हैं.Also Read - PM Cares Fund सरकारी कोष नहीं है: PMO के अधिकारी ने हाईकोर्ट को बताया

जम्मू-कश्मीर में हथियार/बंदूक लाइसेंस घोटाले के सिलसिले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की श्रीनगर शहर के तुलसी बाग इलाके में सरकारी आवासों पर की छापेमारी चल रही है. सीबीआई ने शस्त्र लाइसेंस रैकेट से संबंधित एक मामले की चल रही जांच में तत्कालीन लोक सेवकों (इनमें आईएएस अधिकारी भी शामि‍ल हैं) के आधिकारिक और आवासीय परिसरों में जम्मू, श्रीनगर, उधमपुर, राजौरी, अनंतनाग, बारामूला, दिल्ली सहित लगभग 40 स्थानों पर तलाशी ली. लगभग 20 गन हाउस आदि पर भी छापे की कार्रवाई की गई है. Also Read - J&K Encounter: शोपियां में आम नागरिक पर गोली चलाने के बाद रातभर चली मुठभेड़ में एक आतंकवादी ढेर

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केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने जम्मू कश्मीर के कुछ हिस्सों में अनिवासियों को फर्जी दस्तावेज के आधार पर हजारों शस्त्र लाइसेंस जारी करने के आरोप से संबंधित मामले में शनिवार को छापे मारे. यहां अधिकारियों ने यह जानकारी दी.


यह अभियान 2019 में दर्ज एक मामले के संबंध में चलाया जा रहा है
एजेंसी ने अब तक इन छापों के बारे में विस्तृत जानकारी साझा नहीं की है, लेकिन पुष्टि की है कि यह अभियान 2019 में दर्ज एक मामले के संबंध में चलाया जा रहा है. आरोप है कि 2012 और 2016 के बीच जम्मू कश्मीर के विभिन्न जिलों के उपायुक्तों ने धन के लालच में फर्जी और अवैध रूप से थोक में शस्त्र लाइसेंस जारी किया था. मामले में और विवरण की प्रतीक्षा है.

लगभग दो लाख शस्त्र लाइसेंस जारी किए थे
सीबीआई ने पूर्ववर्ती जम्मू-कश्मीर राज्य के विभिन्न जिलों में वहां के जिलाधिकारियों और मजिस्ट्रेट द्वारा कथित तौर पर लगभग दो लाख शस्त्र लाइसेंस जारी करने से संबंधित दो मामलों की जांच के सिलसिले में तलाशी ली थी. आरोप है कि रिश्वत के बदले में गैर कानूनी रूप से ये शस्त्र लाइसेंस जारी किए गए. सीबीआई ने कुपवाड़ा, उधमपुर, किश्तवाड़, शोपियां, राजौरी,डोडो, पुलवामा और कुछ अन्य जगहों के तत्कालीन जिलाधिकारियों और मजिस्ट्रेटों के परिसरों पर दिसंबर 2019 में श्रीनगर, जम्मू, गुरुग्राम और नोएडा समेत एक दर्जन जगहों पर छापेमारी की थी.

एटीएस ने 2017 में इस घोटाले का खुलासा किया था, 50 से अधिक लोग गिरफ्तार किए थे
आरोप है कि तत्कालीन लोक सेवकों ने अन्य अभियुक्तों के साथ मिलकर राज्य के गैर निवासियों को नियमों का उल्लंघन कर शस्त्र लाइसेंस जारी किया और रिश्वत ली. राजस्थान आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) ने 2017 में इस घोटाले का खुलासा किया था और अवैध रूप से शस्त्र लाइसेंस जारी करने में संलिप्तता के आरोप में 50 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया था. एटीएस के अनुसार, कथित रूप से सेना के जवानों के नाम पर 3,000 से अधिक परमिट दिए गए थे. एटीएस के निष्कर्षों के आधार पर, जम्मू-कश्मीर के तत्कालीन राज्यपाल एन एन वोहरा ने मामले में जांच का जिम्मा सीबीआई को सौंप दिया था।