पटना: बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के आवास पहुंचकर सीबीआई की एक टीम ने नोटबंदी के बाद एक सहकारी बैंक में बड़ी राशि जमा करने से जुड़े धनशोधन के एक मामले में मंगलवार को उनका बयान रिकॉर्ड किया. पटना के दस सर्कुलर रोड स्थित राबड़ी देवी के आवास पर सीबीआई की चार सदस्यीय टीम मंगलवार दोपहर पहुंची और करीब 20 मिनट के बाद वहां से रवाना हो गई. उस दौरान राबड़ी के पति और राजद प्रमुख लालू प्रसाद भी मौजूद थे, जो करोड़ों रुपये के चारा घोटाले से जुड़े मामलों में अस्थायी जमानत पर रिहा हैं. Also Read - Bihar: पूर्व सीएम राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव के खिलाफ दर्ज हुआ केस, जानें क्या है मामला

आरजेडी के राष्ट्रीय महासचिव और विधायक भोला यादव ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि कुछ दिन पहले राबड़ी देवी को बिहार अवामी सहकारी बैंक के खिलाफ मनी लॉंड्रिंग के एक मामले में सीबीआई की ओर से नोटिस मिला था जिसमें एजेंसी उनका बयान रिकॉर्ड करना चाहती थी. बिहार अवामी सहकारी बैंक के अध्यक्ष अनवर अहमद हैं जो कि कभी लालू के विश्वासपात्र माने जाते थे. वह बिहार विधान परिषद के सदस्य भी रहे. Also Read - राजद नेताओं पर मामला दर्ज होने पर भड़के तेजस्वी, कहा, 'हमें डरा नहीं सकते'

भोला ने बताया कि राबड़ी ने सीबीआई टीम के समक्ष अपने आयकर रिटर्न सहित अन्य आवश्यक दस्तावेज पेश किए जिससे अधिकारी संतुष्ट दिखे. उन्होंने कहा कि सीबीआई के अफसर परिवार के किसी अन्य सदस्य से कोई बात किए बिना लौट गए. उल्लेखनीय है कि लालू जहां चारा घोटाले से जुड़े कई मामलों में सजायाफ्ता हैं वहीं उनकी पत्नी राबड़ी देवी, बड़ी पुत्री मीसा भारती और छोटे पुत्र तेजस्वी प्रसाद यादव से रेलवे में होटल के बदले भूखंड सहित कई अन्य मामलों में सीबीआई, प्रवर्तन निदेशालय और आयकर विभाग पूर्व में पूछताछ कर चुका है. Also Read - सुशील मोदी ने कहा- राबड़ी बताएं, दुष्कर्म के आरोपी सेक्स रैकेट चलाने वाले अरुण यादव को कहां छुपा रखा है