कोलकाता: पश्चिम बंगाल में शारदा चिटफंड घोटाले मामले में सीबीआई बनाम कोलकाता पुलिस कमिश्नर राजीव कुमार हो गया है. एक ओर जहां सीबीआई के संयुक्त निदेशक पंकज श्रीवास्तव ने कहा कि एजेंसी के अधिकारी कोलकाता पुलिस प्रमुख राजीव कुमार के आवास पर उनसे चिटफंड मामले में पूछताछ करने गए थे और ‘अगर वह हमारा सहयोग नहीं करते तो हम उन्हें हिरासत में लेते’. वहीं इस मामले में संयुक्त पुलिस आयुक्त (अपराध) प्रवीण त्रिपाठी ने कहा ” उन्होंने कहा कि वह यहां एक गुप्त अभियान के लिए आए थे. हमें नहीं पता कि यह किस तरह का अभियान है”

कोलकाता पुलिस प्रमुख से पूछताछ करने की सीबीआई की कोशिश ने उस समय अप्रत्याशित मोड़ ले लिया, जब उन्हें पुलिस प्रमुख के आवास में प्रवेश करने से रोका गया. इस अभूतपूर्व घटनाक्रम में चिटफंड घोटालों के सिलसिले में कोलकाता के पुलिस आयुक्त राजीव कुमार से पूछताछ के लिए पहुंची केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के अधिकारियों की एक टीम को रविवार को पुलिस की जीपों में बिठा कर एक पुलिस थाने ले जाया गया और फिर उन्हें वहां हिरासत में ले लिया गया. अधिकारियों ने यह जानकारी दी.

इसके बाद पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री पुलिस प्रमुख के आवास पर पहुंची और केंद्र सरकार पर राजनीतिक प्रतिशोध लेने का आरोप लगाया. जैसे को तैसा का कदम उठाते हुए कोलकाता के पुलिस अधिकारियों की एक टीम सीजीओ परिसर पहुंची. यहां सीबीआई का राज्य मुख्यालय है. तेजी से हो रहे इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए श्रीवास्तव ने कहा, ”हम पुलिस प्रमुख के आवास पर जांच के लिए पहुंचे थे. और अगर वह हमारा सहयोग नहीं करते तो हम उन्हें हिरासत में लेते.”

उनसे जब पुलिस अधिकारियों द्वारा सीबीआई कार्यालयों की घेराबंदी और उनके खुद के घर की घेराबंदी करने के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, ”मुझे भी हिरासत में लिया गया और मेरे घर के बाहर पुलिस अधिकारी खड़े हैं.’ हालांकि, संयुक्त पुलिस आयुक्त (अपराध) प्रवीण त्रिपाठी ने बताया कि सीबीआई अधिकारियों को पूछताछ के बाद थाने से जाने दिया गया है. त्रिपाठी ने कहा, ” उन्होंने कहा कि वह यहां एक गुप्त अभियान के लिए आए थे. हमें नहीं पता कि यह किस तरह का अभियान है” बाद में शाम में केंद्रीय बल कोलकाता के सीबीआई कार्यालय पहुंचे, जिसकी घेराबंदी शहर की पुलिस पहले ही कर चुकी है.

– एक अभूतपूर्व घटनाक्रम में चिटफंड घोटालों के सिलसिले में कोलकाता के पुलिस आयुक्त राजीव कुमार से पूछताछ के लिए पहुंची केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के अधिकारियों की एक टीम को रविवार को पुलिस की जीपों में बिठा कर एक पुलिस थाने ले जाया गया और फिर उन्हें वहां हिरासत में ले लिया गया. अधिकारियों ने यह जानकारी दी.

– पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार के बीच बढ़ते तनाव के बीच मध्य कोलकाता के लाउडन स्ट्रीट में राज्य पुलिस और सीबीआई के बीच टकराव के हालात देखने को मिले.

– शुरू में सीबीआई के कुछ अधिकारियों को गिरफ्तार किए जाने की विरोधाभासी खबरें भी आईं, लेकिन कोलकाता पुलिस ने बाद में साफ किया कि उन्होंने सीबीआई के किसी अधिकारी को गिरफ्तार नहीं किया.

– संयुक्त पुलिस आयुक्त (अपराध) प्रवीण त्रिपाठी ने बताया कि पूछताछ के बाद सीबीआई के अधिकारियों को पुलिस थाने से जाने दिया गया. त्रिपाठी ने कहा, ”उन्होंने सिर्फ इतना कहा कि वे किसी गोपनीय अभियान के लिए आए थे. हमें नहीं पता कि वे किस तरह के अभियान के लिए आए थे.”

– तेजी से बदलते घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया जाहिर करते हुए सीबीआई के संयुक्त निदेशक पंकज श्रीवास्तव ने कहा, ” हम वहां उनकी (कुमार की) जांच के लिए गए थे. और यदि उन्होंने सहयोग नहीं किया होता तो हम उन्हें हिरासत में ले लेते. पुलिसकर्मियों द्वारा सीबीआई के दफ्तरों और कुमार के आवास की घेराबंदी करने के बारे में पूछे जाने पर श्रीवास्तव ने कहा, ‘‘मुझे भी हिरासत में लिया गया है और मेरे घर के बाहर पुलिस अधिकारी खड़े हैं.

-सड़क पर हो रही इस सियासत के बीच पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी कुमार के आवास पर पहुंचीं. वह पहले ही कुमार के प्रति अपना समर्थन व्यक्त कर चुकी थीं. उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा पुलिस एवं अन्य सभी संस्थाओं पर नियंत्रण हासिल करने के लिए सत्ता का गलत इस्तेमाल कर रही है.

– राज्य में सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस के प्रवक्ता एवं राज्यसभा सांसद डेरेक ओ ब्रायन ने ट्वीट किया, भाजपा संवैधानिक तख्तापलट की तैयारी कर रही है? सीबीआई के 40 अधिकारी कोलकाता के पुलिस आयुक्त के आवास को घेर लेते हैं. संस्थाओं की बर्बादी धड़ल्ले से जारी है. सोमवार को संसद में हमारी मांग..मोदी को जाना होगा. हम लोकतंत्र बचाना चाह रही सारी विपक्षी पार्टियों से इस मुद्दे पर संपर्क कर रहे हैं और घटना के बारे में जानकारी साझा कर रहे हैं.

– पश्चिम बंगाल के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) वीरेंद्र और एडीजीपी (कानून-व्यवस्था) अनुज शर्मा भी कुमार के आवास पर पहुंचे. जैसे को तैसा वाली कार्रवाई करते हुए कोलकाता के पुलिस अधिकारियों की एक टीम सीजीओ कॉम्प्लेक्स (सीबीआई का राज्य मुख्यालय) पहुंच गई.

– यह सारा घटनाक्रम बहुत तेजी से उस वक्त शुरू हुआ जब सीबीआई के 40 अधिकारियों की एक टीम आज शाम कुमार के आवास पर पहुंची, लेकिन वहां तैनात संतरियों एवं कर्मियों ने उन्हें अंदर जाने से रोक दिया. सीबीआई ने शनिवार को दावा किया था कि कुमार फरार चल रहे हैं और शारदा एवं रोज वैली चिटफंड घोटालों के सिलसिले में उनकी तलाश की जा रही है.

– कुछ ही देर बाद कोलकाता पुलिस के अधिकारियों की एक टीम सीबीआई अधिकारियों से बातचीत के लिए मौके पर पहुंची और यह पता लगाने की कोशिश की कि क्या उनके पास कुमार से पूछताछ करने के लिए जरूरी दस्तावेज थे.

-पुलिस आयुक्त के आवास के बाहर खड़े सीबीआई के एक वरिष्ठ अधिकारी ने मीडिया से कहा, ‘6 हम इस मुद्दे पर अभी कोई बात नहीं करना चाहते. देखते हैं कि क्या होता है. थोड़ा इंतजार करें.”

– बाद में सीबीआई अधिकारियों की एक छोटी सी टीम को चर्चा के लिए शेक्सपियर सरनी पुलिस थाने ले जाया गया. इसके बाद कुछ और लोग मौके पर पहुंचे और हंगामा पैदा हो गया. फिर कुछ सीबीआई अधिकारियों को जबरन पुलिस की जीपों में बिठाकर एक पुलिस थाने ले जाया गया.

-सीबीआई के मुताबिक, चिटफंड घोटालों की जांच के लिए पश्चिम बंगाल पुलिस द्वारा गठित एसआईटी की अगुवाई कर चुके आईपीएस अधिकारी कुमार से गायब दस्तावेजों और फाइलों के बाबत पूछताछ करनी है, लेकिन उन्होंने जांच एजेंसी के समक्ष पेश होने के लिए जारी नोटिसों का कोई जवाब नहीं दिया है.

-पश्चिम बंगाल कैडर के 1989 बैच के आईपीएस अधिकारी कुमार ने चुनावी तैयारियों की समीक्षा के लिए पिछले दिनों कोलकाता आए चुनाव आयोग के अधिकारियों के साथ हुई बैठक में भी हिस्सा नहीं लिया था. रविवार को कोलकाता पुलिस ने एक बयान जारी कर उन खबरों को सिरे से खारिज किया था कि कुमार ड्यूटी से गायब हैं.

– पुलिस ने अपने बयान में कहा था, कृपया गौर करें कि कोलकाता के पुलिस आयुक्त न केवल शहर में उपलब्ध हैं, बल्कि नियमित आधार पर दफ्तर भी आ रहे हैं. सिर्फ 31 जनवरी 2019 को वह दफ्तर नहीं आए, क्योंकि उस दिन उन्होंने अवकाश लिया था. सभी संबंधित पक्ष कृपया गौर करें कि यदि उचित जांच के बगैर कोई खबर फैलाई जाती है तो कोलकाता पुलिस, कोलकाता के पुलिस आयुक्त एवं कोलकाता पुलिस दोनों की मानहानि के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई शुरू करेगी.”