नई दिल्ली: सीबीआई ने एंटीगुआ के अधिकारियों को पत्र लिखकर भगोड़े हीरा व्यवसायी मेहुल चोकसी के ठिकाने के बारे में जानकारी मांगी है. वह पंजाब नेशनल बैंक में दो अरब डॉलर से अधिक की धोखाधड़ी मामले में कथित तौर पर संलिप्त है.

सरकार के सूत्रों ने बताया कि पता चला है कि चोकसी जुलाई में कैरेबियाई देश में चला गया है और उसने स्थानीय पासपोर्ट हासिल कर लिया है. जिसके बाद यह कदम उठाया गया. सूत्रों ने बताया कि एंटीगुआ के अधिकारियों को मंगलवार शाम भेजे गए पत्र में सीबीआई ने भगोड़े व्यवसायी के खिलाफ इंटरपोल की तरफ से जारी नोटिस का हवाला दिया है और उसकी आवाजाही तथा वर्तमान स्थान का ब्यौरा मांगा है.

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नवम्बर 2017 में चोकसी ने एंटीगुआ की नागरिकता हासिल की
स्थानीय अखबार एंटीगुआ ऑब्जर्वर के मुताबिक चोकसी ने नवम्बर 2017 में एंटीगुआ की नागरिकता हासिल कर ली थी और इस वर्ष 15 जनवरी को उसने निष्ठा की शपथ ली थी. भारतीय संस्थानों की रिपोर्ट का हवाला देकर अखबार ने चोकसी के बारे में एंटीगुआ की निवेश इकाई के माध्यम से नागरिकता इकाई को प्रश्नावली भेजी थी. अखबार ने आज खबर दी कि उसे सूचित किया गया कि ‘पूरी सावधानी बरतने’ और ‘प्रतिष्ठित एजेंसियों’ से ‘अंतरराष्ट्रीय जांच’ कराने के बाद चोकसी के आवेदन को मंजूरी दी गई. इसमें अंतरराष्ट्रीय आपराधिक पुलिस संगठन और कैरीकॉम इंप्लीमेंटिंग एजेंसी फॉर क्राइम एंड सिक्योरिटी (आईएमपीएसीएस) द्वारा जांच भी शामिल है.

एंटीगुआ में 15 जनवरी को ली निष्ठा की शपथ
सूत्रों ने बताया कि चोकसी के कृत्यों से पता चलता है कि उसने भागने की योजना पहले बना ली थी और उसे पता था कि पीएनबी के कर्मचारी गोकुलनाथ शेट्टी के सेवानिवृत्त होने के बाद घोटाले का पर्दाफाश होगा. शेट्टी उसे गारंटी पत्र के नवीकरण में मदद करता था. उन्होंने बताया कि वह जनवरी के पहले हफ्ते में देश से फरार हो गया और एंटीगुआ में निष्ठा की शपथ 15 जनवरी को ली. (इनपुट एजेंसी)