सीबीएसई के 10वीं कक्षा के छात्रों के लिए सरकार बोर्ड एग्जाम फिर से शुरू करने की तैयारी में है। 2018 से 10वीं क्लास के लिए बोर्ड एग्जाम फिर से शुरू होने की संभावना है। मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावडेकर 25 अक्टूबर को इस संबंध में घोषणा कर सकते हैं। इस साल जुलाई में मानव संसाधन विकास मंत्रालय का प्रभार संभालने के बाद जावडेकर का यह पहला बड़ा फैसला होगा।

जावडेकर एक नई ‘नो डिटेंशन’ पॉलिसी की भी घोषणा करेंगे, जिसमें छात्रों को पांचवीं क्लास तक फेल नहीं किया जाएगा। उसके बाद राज्यों को आठवीं क्लास तक छात्रों को फेल नहीं करने का विकल्प खोजना होगा लेकिन फेल होने वाले छात्रों के लिए ‘फिर से परीक्षा’ के लिए अवसर प्रदान करना अनिवार्य होगा। यह भी पढ़ें: ATM कार्ड में होने वाली सेंधमारी से बचने के लिए अपनायें ये उपाय

आपको बता दें कि छात्रों पर दबाव कम करने के मकसद से छह साल पहले सीबीएसई की 10वीं की बोर्ड परीक्षा खत्म की गई थी। लेकिन बोर्ड परीक्षा खत्म किए जाने से चिंता पैदा हो रही थी कि इससे शिक्षा का स्तर गिर रहा है। इस संबंध में अंतिम फैसला केंद्रीय शिक्षा सलाहकार बोर्ड की 25 अक्तूबर को होने वाली बैठक में किया जाएगा, जिसकी अध्यक्षता केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर करेंगे।

वहीं अभिवावकों का भी कहना है 10वीं में बोर्ड परीक्षा समाप्त होने के बाद 12वीं में अचानक से बोर्ड परीक्षा का दबाव बच्चे नहीं सहन कर पाते। साथ ही 10वी में बोर्ड परीक्षा ना होने की वजह से 11वीं में फेल होने वाले बच्चों की संख्या भी बढ़ी है, इस वजह से भी 10वीं में बोर्ड परीक्षा कराने का दबाव भी बढ़ रहा है।

मानव संसाधन मंत्रालय अपने इस कदम को शिक्षा के क्षेत्र में दिवाली का उपहार कह रही है। वे अलग-अलग राज्यों के शिक्षा मंत्रियों और सेंट्रल एडवाइजरी बोर्ड ऑफ एजुकेशन (CABE) के साथ होने वाली बैठकों के बाद वे अंतिम घोषणा करेंगे।