नई दिल्‍ली: सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (CBSE) की 10वीं की परीक्षा में नंबर कम आने पर एक छात्र और एक छात्रा ने आत्‍महत्‍या कर ली. पहली राष्ट्रीय राजधानी के घटना ककरोला की है तो दूसरी घटना दक्षिण पश्चिमी दिल्‍ली के वसंत कुंज इलाके की बताई गई है. घटना के बाद छात्रों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है.

डियर जिंदगी : जिनके नंबर कम हैं, उम्‍मीदें उनसे ही हैं!

पुलिस ने बताया कि पहली घटना राष्ट्रीय राजधानी के ककरोला इलाके में हुई. द्वारका के एमआर विवेकानंद मॉडल स्कूल के छात्र रोहित कुमार मीणा (17) छात्र का दसवीं में कम नंबर (59 फीसदी अंक) ही आया था. इससे परेशान होकर उसने फांसी लगा आत्महत्या कर ली. हालांकि घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है. बताया जा रहा है कि दूसरे तल पर बने अपने कमरे में जाकर उसने चादर से फांसी लगा ली. पता चलने पर परिजनों ने उसे अस्पताल पहुंचाया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी. बताया गया है कि आत्महत्या करने से पहले छात्र को उसके घरवालों ने नंबर कम आने पर डांटा भी था. फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है.

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80 फीसदी नंबर चाहती थी छात्रा, 70 फीसदी आए तो लगा ली फांसी
दूसरी घटना में, रेयान इंटरनेशनल स्कूल की 15 वर्षीय छात्रा प्रज्ञा पांडे ने दक्षिण पश्चिम दिल्ली के वसंत कुंज में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. प्रज्ञा के पिता प्रवर्तन निदेशालय में कार्यरत हैं. प्रज्ञा के घरवालों ने बताया कि वह डॉक्टर बनना चाहती थी, इसलिए इस साल मेडिकल परीक्षा की तैयारी कराने वाले संस्थान में दाखिला भी ले लिया था. उसे उम्मीद थी कि दसवीं में उसके कम से कम 80 फीसदी अंक आएंगे लेकिन उसके 70 फीसदी अंक थे. ऐसे में प्रज्ञा को लगा कि अब वह साइंस की पढ़ाई नहीं कर पाएगी. इस पर दोपहर बाद प्रज्ञा ने खुद को कमरे में बंद कर लिया. जब छात्रा की मां ने दरवाजा खटखटाया तो उसने नहीं खोला. बाद में दरवाजा तोड़कर जब लोग अंदर गए तो देखा कि उसने फांसी लगा ली है. बाद परिजनों ने घटना की जानकारी पुलिस को दी. बता दें कि मंगलवार को केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने कक्षा 10 बोर्ड परीक्षा के परिणामों की घोषणा की थी. इसमें कुल पास प्रतिशत 86.70 छात्र पास हुए हैं.