नई दिल्ली: पेपर लीक मामले में दिल्ली क्राइम ब्रांच ने सीबीएसई के एग्जाम कंट्रोलर से चार घंटेे तक पूछताछ की. दिल्ली पुलिस ने कहा कि इसकी आशंका है कि लीक हुए पेपर को 1000 से ज्यादा छात्रों ने इस्तेमाल किया हो. लिहाजा 10वीं और 12वीं के मैथ्स और इकोनॉमिक्स के पेपर दोबारा कराए जाएंगे. री-एग्जाम की डेट की घोषणा भी जल्द ही कर दी जाएगी. CBSE प्रमुख अनिता करवाल ने कहा कि 20 लाख से ज्यादा बच्चों को मैथ्स और इकोनॉमिक्स की परीक्षा दोबारा देनी पड़ेगी. फैसला छात्रों के हित में ही है. Also Read - CTET 2020 Exam Date: CBSE ने CTET 2020 परीक्षा डेट को लेकर जारी किया फेक न्यूज अलर्ट, पढ़ें ये ऑफिशियल अपडेट

Also Read - Sarkari Naukri Result: CBSE Steno, Assistant Recruitment Result 2020 Declared: सीबीएसई ने जारी किया रिजल्ट, इस डायरेक्ट लिंक से चेक करें मेरिट लिस्ट 

FIR में दी गई जानकारी से यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि CBSE और पुलिस को पेपर लीक की जानकारी परीक्षा के दो दिन पहले से ही थी. गुरुवार को छात्रों ने दिल्ली में विरोध प्रदर्शन किया और 10वीं और 12वीं की पूरी परीक्षा दोबारा कराने की मांग की. छात्रों का दावा है कि सिर्फ मैथ्स और इकोनॉमिक्स का ही नहीं, बल्कि और Also Read - CBSE, ICSE Board Exam 2021: परीक्षा 45 से 60 दिनों तक पोस्टपोन होने की है संभावना, जानिए क्या कहती है रिपोर्ट 

भी कई विषयों के पेपर लीक किए गए थे. पर सामने सिर्फ मैथ्स और इकोनॉमिक्स का मामला ही आया है.

यह भी पढ़ें: जानें कौन सेट करता है CBSE का पेपर और कैसे रखा जाता है उसे गोपनीय

पेपर लीक मामले में 10 जरूरी बातें…

1. CBSE प्रमुख अनिता करवाल ने घोषणा की कि हम छात्रों के लिए काम कर रहे हैं और री-एग्जाम की डेट की घोषणा जल्द ही की जाएगी. किसी को भी चिंता करने की जरूरत नहीं है. हमने छात्रों के हित में ही फैसला लिया है.

2. मानव संसाधन मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि री-एग्जाम की डेट सोमवार या मंगलवार को जारी कर दी जाएगी. इस मामले के सामने आने के बाद मुझे भी रात को नींद नहीं आती. मैं भी एक अभिभावक हूं.

3. CBSE पहले तो कई दिनों तक इस शिकायत से भागती रही कि पेपर लीक हो गया है. FIR में दी गई जानकारी के अनुसार सीबीएसई को 23 मार्च को ही फैक्स द्वारा इसकी जानकारी मिल गई थी. यानी कि 12वीं का पेपर होने के दो दिन पहले ही सीबीएसई को पता चल गया था कि इकोनॉमिक्स का पेपर लीक हो गया है. सीबीएसई ने

पुलिस को अगले दिन इसकी जानकारी दी, लेकिन परीक्षा रद्द नहीं की गई. 27 मार्च को इसकी एफआईआर दर्ज कराई गई.

4. मामले में रजिंदर नगर के रहने वाले एक कोचिंग टीचर का नाम सामने आया, जो कोचिंग सेंटर चलाता है. पुलिस ने बताया कि कोचिंग टीचर के पास से वॉट्सऐप पर वायरल होने वाला हाथ से लिखे प्रश्नपत्र को रिकवर कर लिया गया है.

यह भी पढ़ें: CBSE पेपर लीकः बड़ा खुलासा, दिल्ली के कोचिंग मास्टर ने कराया था पेपर आउट

5. पुलिस ने इस मामले में 18 छात्रों से पूछताछ की है, इनमें से 11 दिल्ली के अलग-अलग स्कूलों से है और 7 फर्स्ट ईयर कॉलेज छात्र हैं. कोचिंग इंस्टिट्यूट के 5 शिक्षकों से भी पुलिस ने पूछताछ की है और इसके अलावा दो अन्य लोगों से भी पूछताछ की गई है. पुलिस ने कहा कि इनके पास परीक्षा के एक दिन पहले ही प्रश्न पत्र पहुंच

गया था.

6. अब पुलिस मामले में सीबीएसई अधिकारियों की भूमिका की जांच कर रही है. इसके अलावा निरीक्षकों और स्कूल स्टाफ, कोचिंग सेंटर्स और प्रिंटर्स की जांच भी हो रही है. जांच कर रहे अधिकारियों के अनुसार CBSE के कुछ अधिकारियों और परीक्षा सेंटर्स से अभी पूछताछ किया जाना बाकी है. एक बार मैसेज के सोर्स का पता चल जाए,

उसके बाद एक बार फिर पूछताछ होगी.

7. बता दें कि हाल ही में एसएससी पेपर लीक का मामला भी सामने आया था. इसके एक महीने बाद ही CBSE पेपर लीक की घटना हो गई है. ऐसे में सरकार पर विपक्ष हमलावर हो गई है. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने ट्वीट कि “एग्जाम पेपर लीक ने लाखों छात्रों के भविष्य और उम्मीदों को बरबाद कर दिया है. कांग्रेस ने हमेशा शैक्षिणिक

संस्थानों को बचाकर रखा. ऐसा इसलिए हुआ है क्योंकि RSS और BJP ने इसे बरबाद की दिया है. मेरा यकीन करें. यह तो सिर्फ शुरुआत है.

यह भी पढ़ें: CBSE paper leak: मैथ्स की फोबिया से मुक्त नहीं हुए बच्चे, मस्ती की प्लानिंग हो गई चौपट

8. दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने इस मामले पर कहा कि मुझे वाकई उन छात्रों के लिए दुख हो रहा है और बुरा लग रहा है, जो बिना किसी गलती के दोबारा परीक्षा देंगे. इसकी जिम्मेदारी लें और जिसकी गलती है, उसे कड़ी सजा दें.

9. इकोनॉमिक्स के पेपर को सोशल मीडिया पर लीक कर दिया गया था. 15 मार्च को दिल्ली सरकार ने कहा था कि उन्हें 12वीं एकाउंटेंसी पेपर लीक होने की जानकारी सीबीएसई से मिली. हालांकि CBSE ने बाद में इससे इंकार कर दिया.

10. सुपर 30 के संस्थापक आनंद कुमार ने कहा कि यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है. प्रेशर के कारण छात्रों में असंतोष है. जिम्मेदार लोगों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए.