नई दिल्लीः सीबीएसई ने 12वीं के इकोनॉमिक्‍स और 10वीं के मैथ्स के पेपर फिर से कराने का फैसला किया है. अभी सीबीएसई ने इस बात की जानकारी नहीं दी है कि ये पेपर किस दिन कराए जाएंगे. सीबीएसई का कहना है कि एक हफ्ते में रि-एग्जाम से जुड़ी अन्य जानकारियां वेबसाइट पर जारी की जाएंगी. Also Read - नकल रोकने के लिए CBSE अगले साल से इस तरह के प्रश्न-पत्रों का करेगा इस्तेमाल

सीबीएसई बोर्ड के विदेशी बच्चे भी परेशान
ऐसे में वे बच्चे परेशान हैं जिन्होंने एग्जाम के बाद लंबी छुट्टी पर जाने की प्लानिंग कर ली थी. 15 साल के मोहम्मद हाजीम बुधवार को सीबीएसई की 10वीं की परीक्षा देने के बाद लंबी छुट्टी पर जाने के लिए बैग पैक कर चुके थे, लेकिन जब उन्होंने खबर देखी कि पेपर लीक होने के बाद उन्हें मैथ्स के पेपर फिर से देने होंगे उनका दिल टूट गया.हाजीम अपने परिवार के साथ बहरीन में रहते हैं. उन्होंने इंडिया आने की अपनी प्लानिंग कैंसिल कर दी है. हाजीम बहरीन में सीबीएसई के इंडियन स्कूल ऑफ आईएसए टाउन में पढ़ते हैं. Also Read - सीबीएसई पेपर लीक मामला: बवाना के कॉन्वेंट स्कूल का प्रिंसिपल गिरफ्तार

हाजीम के पिता मोहम्मद अबुजर का कहना है कि गुरुवार की टिकट ली थी. हम अपने ट्रिंप को कैंसिल करने या उसे छोटा से छोटा करने पर विचार कर रहे हैं क्योंकि रि-एग्जाम होने हैं. हाजीम की तरह कई बच्चे और उनके माता-पिता सीबीएसई के फैसले से परेशान हैं. बहरीन में सीबीएसई के जितने स्कूल हैं वे बोर्ड के इस फैसले से नाराज हैं. उनका कहना है कि फिर से एग्जाम कराने की कोई जरूरत नहीं थी. क्योंकि बहरीन के स्कूलों में अगल पेपर सेट से एग्जाम कराए गए थे. हमारे ज्यादातर बच्चे भारत और अन्य देशों में इंट्रेस एग्जाम देने वाले हैं. यह हैरान करने वाला फैसला है. Also Read - CBSE पेपर लीक: दो बैंक अधिकारी और एक महिला गिरफ्तार

मैथ्स फोबिया है, बेटी परेशान
ऑटो चालक शंकर सिंह जिनकी बच्ची को मैथ्स को लेकर फोबिया है. उनका कहना है कि बोर्ड के फैसले के बाद मेरी बेटी स्ट्रेस में है कि उसे फिर से सबकुछ पढ़ना पड़ेगा. उन्होंने बताया कि एग्जाम खत्म करने के बाद उसने कहा था कि जीवन में अंतिम बार मैं मैथ्स का एग्जाम दे रही हूं. लेकिन अब मुझे भी डर लग रहा है कि वह फिर से मैथ्स का एग्जाम कैसे देगी.

एंट्रेस एग्जाम देने हैं अब क्या करें
यहां तक की 12वीं के स्टूडेंट्स जिन्हें इकोनॉमिक्‍स के पेपर फिर से देने होंगे अचानक पड़ने वाले इस बोझ से परेशान हैं. डीपीएस (मथुरा रोड दिल्ली) की छात्रा अमतप्रीत का कहना है कि अप्रैल के पहले सप्ताह में मुझे तीन एंट्रेंस एग्जाम देने हैं और मुझे इसके लिए तीन अलग-अलग जगहों पर जाना होगा. अगर एंट्रेस एग्जाम के दौरान फिर से पेपर देने पड़े तो क्या होगा. अमनप्रीत सीबीएसई के फैसले से बिल्कुल नाराज हैं और पूछ रही हैं कि बोर्ड की गलती की कीमत छात्रों को क्यों भुगतना पड़ रहा है.

क्या कहना है केंद्रीय मंत्री का
हालांकि ऐसा नहीं है कि सीबीएसई के इस फैसले से हर कोई नाराज है. कुछ छात्र और उनके माता-पिता का कहना है कि रि-एग्जाम से ही उन्हें न्याय मिल पाएगा. वहीं फिर से पेपर करवाने पर केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर का कहना है कि मैं समझ सकता हूं कि इस फैसले से बच्चों और उनके अभिभावकों को तकलीफ होगी, लेकिन बच्चों को परेशान होने की जरुरत नहीं है और प्रधानमंत्री मोदी ने भी कहा है कि बच्चे तनावमुक्त होकर परीक्षा दें. छात्रों को आश्ववस्त करते हुए जावड़ेकर ने कहा कि हम आगे से परीक्षा व्यवस्था को पुख्ता करेंगे और मैं छात्रों को विश्वास दिलाता हूं कि जिन्होंने ये लीक किया होगा उसको हम जल्द पकड़ेंगे और हम पूरे मामले की आंतरिक जांच भी कर रहे हैं.