नई दिल्लीः सुप्रीम कोर्ट ने 12 वीं का इकोनॉमिक्स का पेपर फिर से कराने के सीबीएसई के फैसले को चुनौती देने वाली याचिकाओं को खारिज कर दिया. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि फिर से परीक्षा कराने का फैसला सीबीएसई पर है, कोर्ट इस मामले में फैसला नहीं कर सकता. गौरतलब है कि सीबीएसई की 12 वीं कक्षा की अर्थशास्त्र और 10वीं की गणित का प्रश्न पत्र लीक होने के बाद सीबीएसई ने री-एग्जाम कराने का फैसला किया था. हालांकि बोर्ड ने मंगलवार को 10वीं का मैथ्स का पेपर फिर से कराने के अपने फैसले को वापस ले लिया. Also Read - Special Train for UPSC Prelims Exam 2020: UPSC प्रीलिम्स परीक्षा के लिए रेलवे इन राज्यों में चलाएगी स्पेशल ट्रेनें, इस दिन से होगा संचालन 

इस बीच मानव संसाधन मंत्रालय (एचआरडी) ने अर्थशास्त्र (12 वीं) और गणित (10 वीं) का पर्चा लीक होने के बाद सीबीएसई परीक्षा प्रक्रिया की जांच के लिए एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है. एचआरडी के पूर्व सचिव वी एसओ बेरॉय की अध्यक्षता वाला पैनल प्रक्रिया को तकनीक के जरिए सुरक्षित एवं आसान बनाने के उपायों पर भी सुझाव देगा और 31 मई तक अपनी रिपोर्ट मंत्रालय को पेश करेगा. Also Read - Supreme Court ने कहा-बिहार विधानसभा चुनाव रोकने पर नहीं करेंगे सुनवाई, याचिका खारिज

एचआरडी के स्कूली शिक्षा सचिव अनिल स्वरूप ने कहा कि सरकार ने सीबीएसई परीक्षाओं की प्रक्रिया की जांच करने और प्रक्रिया को तकनीक के जरिए सुरक्षित और आसान करने के उपाय सुझाने के लिए एचआरडी के पूर्व सचिव वी एस ओबेरॉय की अध्यक्षता मेंकल एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया, जिसमें कई विशेषज्ञ शामिल हैं. पिछले कई दिनों से लीक की खबरों के बीच केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ( सीबीएसई) की परीक्षाओं की प्रक्रिया पर सवाल उठ रहे थे, जिसके बाद यह कदम उठाया गया.

मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने पिछले सप्ताह कहा था कि 12वीं की अर्थशास्त्र की दोबारा परीक्षा 25 अप्रैल को होगी, जबकि 10वीं की गणित की दोबारा परीक्षा आवश्यक होने पर दिल्ली-एनसीआर एवं हरियाणा में जुलाई में कराई जाएगी.