केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) स्कूलों में कक्षा 12वीं तक हिन्दी अनिवार्य करने की योजना बना रही है. हालही में सीबीएसई द्वारा आयोजित कार्यशाला में इस योजना पर विचार किया गया है. स्रोत ने बताया कि सीबीएसई के अधिकारियों ने संकेत दिया था कि 12वीं कक्षा तक हिंदी अनिवार्य होने की संभावना है और हम दो साल में इसे लागू होते देख सकते हैं. स्रोत से पता चला है कि यह कदम राष्ट्रीय भाषा की घटती लोकप्रियता को देखकर उठाया गया है.Also Read - CBSE Board Exam Date Sheet: इस दिन जारी होगी सीबीएसई बोर्ड परीक्षा की डेट शीट, ऑनलाइन परीक्षा नहीं दे सकेंगे छात्र

बता दें कि संसदीय समिति द्वारा की सिफारिशों में से ज्यादातर को राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने मंजूरी दे दी है. इन्हीं सिफारिशों में से एक 10वीं कक्षा तक के लिए हिंदी को एक अनिवार्य विषय बनाए जाने की भी थी. मानव संसाधन विकास मंत्रालय (एचआरडी) से भी समिति ने पाठ्यक्रमों में हिंदी भाषा को अनिवार्य बनाने के मद्देनजर ठोस कदम उठाने के लिए कहा था. समिति की इस सिफारिश को स्वीकार्य करते हुए राष्ट्रपति द्वारा जारी आदेश में कहा गया, ‘यह सिफारिश सैद्धांतिक तौर पर स्वीकार की जाती है. Also Read - CTET 2021 Registration: इस दिन से शुरू होगी CTET 2021 के लिए आवेदन प्रक्रिया, इस Direct Link से करें अप्लाई

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड(सीबीएसई) देश के सबसे बड़े बोर्डों में से एक है. केन्द्रीय विद्यालय भी सीबीएसई बोर्ड से एफिलिएटेड है. एक हालिया रिपोर्ट ने पुष्टि की है कि भारत के राष्ट्रपति ने भारत में सभी सीबीएसई स्कूलों और केन्द्रीय विद्यालय में हिंदी अनिवार्य बनाने के लिए अनुमोदन दिया था. Also Read - CBSE 10th, 12th Admit Card 2021 Released: CBSE ने जारी किया कंपार्टमेंट परीक्षा का एडमिट कार्ड, ऐसे करें डाउनलोड

प्रणब ने मातृभाषा पर संसद की समिति की 9वीं रिपोर्ट में की गई ज्यादातर सिफारिशें मान ली हैं. यह रिपोर्ट 2011 में सौंपी गई थी. एक आधिकारिक आदेश के मुताबिक, समिति की सिफारिश है कि राष्ट्रपति और मंत्रियों सहित सभी गणमान्य व्यक्तियों, खासकर हिंदी पढ़ने और बोलने में सक्षम लोगों, से अनुरोध किया जा सकता है कि वे अपने भाषण या बयान हिंदी में ही दें.

10 वीं तक हिंदी अनिवार्य होने की रिपोर्ट की पुष्टि के बाद शिक्षकों को यह सूचित किया गया  कि अब हिन्दी को 12 वीं कक्षा तक अनिवार्य किया जा सकता है. हिंदी हमारी राष्ट्रीय भाषा है, जो देश में एक बड़ी आबादी  द्वारा बोली जाती है. शिक्षक ने टिप्पणी करते हुए कहा कि सभी विभाग सूचनाओं में हिंदी भाषा का अक्सर उपयोग करते हैं.

वह आगे कहते हैं कि जिस तेजी से लोग अंग्रेजी भाषा बोल और सीख रहे हैं, ऐसे में बेहद जरूरी हो जाता है कि राष्ट्रीय / क्षेत्रीय भाषाओं पर भी  ध्यान दिया जाना चाहिए. वह हमारी मातृभाषा की सराहना करते हुए आगे कहते हैं कि भविष्य की पीढ़ी को हमारी  मातृभाषा हिन्दी सीखने में कोई नुकसान नहीं है.

एक शिक्षक कहते हैं कि हिन्दी को 12 वीं कक्षा तक अनिवार्य करना एक अच्छा कदम हो सकता है. एक हिंदी विद्वान टिप्पणी करते हुए कहते हैं कि छात्र जब सरकारी नौकरी की तैयारी करेंगे तो उन्हें वहां भी हिन्दी भाषा का लाभ मिलेगा.