CBSE का बड़ा फैसला! 9वीं से पढ़नी होगी एक भारतीय भाषा, जानिए किन छात्रों पर लागू होंगे नए नियम

Written By: Tanuja Joshi Updated by: Tanuja Joshi
Updated Date:June 29, 2026 3:45 PM IST

CBSE ने 2026-27 से नई तीन-भाषा नीति लागू करने की गाइडलाइन जारी की है. मौजूदा 10वीं के छात्रों को इससे छूट मिलेगी, जबकि 7वीं से 9वीं तक के कई छात्रों को अतिरिक्त भारतीय भाषा पढ़नी होगी.

  • 2026-27 से CBSE स्कूलों में नई तीन-भाषा नीति लागू होगी.
  • मौजूदा 10वीं और कुछ बैच के छात्रों को नई व्यवस्था से छूट मिलेगी.
  • दो विदेशी भाषा पढ़ने वाले छात्रों को एक भारतीय भाषा भी जोड़नी होगी.
  • नई नीति का उद्देश्य बहुभाषी शिक्षा और भारतीय भाषाओं को बढ़ावा देना है.

CBSE New Rule: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के तहत तीन-भाषा नीति को लागू करने के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं. ये नई व्यवस्था शैक्षणिक सत्र 2026-27 से सभी संबद्ध स्कूलों में लागू होगी. इसका मकसद छात्रों को भारतीय भाषाओं से जोड़ना और बहुभाषी शिक्षा को बढ़ावा देना है.

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हालांकि, बोर्ड ने ये भी साफ किया है कि नई व्यवस्था को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा ताकि किसी भी छात्र पर अतिरिक्त शैक्षणिक दबाव न पड़े. इसी वजह से वर्तमान में पढ़ रहे कई छात्रों को इस बदलाव से राहत दी गई है. CBSE के अनुसार, जो विद्यार्थी अभी कक्षा 10 में हैं, उन्हें नई भाषा नीति का पालन नहीं करना होगा.

इसके अलावा, वर्तमान में कक्षा 6, 7 और 9 में पढ़ रहे छात्रों को भी जब वे कक्षा 10 में पहुंचेंगे, तब तीसरी भाषा की बोर्ड परीक्षा नहीं देनी होगी. इससे उन छात्रों की पढ़ाई पहले से तय व्यवस्था के अनुसार जारी रहेगी. बोर्ड ने उन विद्यार्थियों के लिए भी विशेष प्रावधान किया है जिन्होंने पहले से दो विदेशी भाषाएं चुनी हुई हैं.

CBSE ने क्या कहा?

वर्तमान में कक्षा 7, 8 और 9 में ऐसे छात्र अपनी दोनों विदेशी भाषाएं जारी रख सकेंगे, लेकिन इसके साथ उन्हें एक अतिरिक्त भारतीय भाषा (भारतीय भाषा) भी पढ़नी होगी. इसका मकसद भारतीय भाषाओं के संरक्षण और प्रचार को बढ़ावा देना है. CBSE ने कहा है कि नई भाषा नीति को प्रभावी बनाने के लिए कक्षा के स्तर के अनुसार अध्ययन सामग्री तैयार की जाएगी और समय पर सभी स्कूलों को उपलब्ध कराई जाएगी.

बोर्ड का मानना है कि भाषा सीखना केवल परीक्षा तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि ये छात्रों के बौद्धिक, सांस्कृतिक और व्यक्तिगत विकास का माध्यम भी बने. नई गाइडलाइन के अनुसार, कक्षा 9 और 10 में पढ़ाई जाने वाली तीसरी भाषा, कक्षा 6 से 8 के दौरान शुरू हुई भाषा शिक्षा की निरंतरता होगी. यानी छात्रों को अचानक नई भाषा नहीं पढ़नी पड़ेगी, बल्कि पहले से सीखी जा रही भाषा को आगे बढ़ाया जाएगा.

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