नई दिल्लीः जनगणना 2021(Census 2021)की तैयारिया देश में शुरू हो गई हैं. एनआरसी और सीएए के मुद्दे पर देश भर में हो रहे विरोध के बीच में सरकारी कर्मचारी एक अप्रैल से 30 सितंबर के बीच घर घर जाकर परिवारों से जानकारी उपलब्ध करेंगे. सरकार ने जनगणना के पहले चरण का नाम हाउसहोल्ड लिस्टिंग रखा है. इस बार जनगणना पिछली बार के मुताबिक थोड़ी सी अलग रहने वाली है. एक जानकारी के अनुसार इस बार जनगणना में कई सवाल आपकी जीवशैली से भी जुड़े हो सकते हैं.

बता दें कि पहले चरण में कर्मचारी किसी भी प्रकार का व्यक्तिगत सवाल नहीं पूछेंगे क्योंकि पहला चरण हाउसहोल्ड होगा. इसमें घर के बारे में जानकारी ली जाएगी जैसे- घर का मुखिया कौन है, घर में आप कौन कौन सी सुविधाएं लेते हैं. दूसरा चरण 2021 फरवरी में होगा जिसमें व्यक्तिगत सवाल होंगे,पहले चरण में घर में कितने लोग रह रहे हैं इसका आइडिया लिया जाएगा ताकि यह पता चल सके कि गणना करनेवाला शख्स कितनी जनसंख्या कवर कर रहा है.

गृह मंत्रालय के अधिकारियों ने जानकारी देते हुए बताया कि एक अप्रैल से शुरू हो रही जनगणना के पहले चरण के लिए प्रश्नों की लिस्ट को तैयार कर लिया गया है. इसमें एक परिवार में अनाज की खपत और पीने के पानी पर सवाल हो सकते हैं जैसे कि आप किस प्रकार का पानी पीते हैं बोलत बंद या फिर पैकेट या सरकारी नल का पानी. ऐसा भी बताया जा रहा है कि अगर किसी व्यक्ति द्वारा गलत जानकारी दी गई तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी और जुर्माना भी लगाया जा सकता है. जुर्माने की राशि 1000 रुपए तक हो सकती है.

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जनगणना 2021 में सरकार पहली बार सरकार उन परिवारों के बारे में जानकारी इकठ्ठा करेगी जिनके मुखिया ‘ट्रांसजेंडर’ (Transgender) हैं. गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी. जनगणना अधिकारी एक अप्रैल से 30 सितंबर तक होने वाली घरों की सूची बनाते हुए जनगणना के दौरान हर घर से 31 सवालों के आधार पर विशिष्ट जानकारी की मांगेंगे. अधिकारी ने बताया कि मुखिया के लिंग के अब तीन विकल्प पुरुष, महिला और ट्रांसजेंडर दिए जाएंगे.

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अधिकारी ने कहा, ‘‘यह पहली बार है कि किसी ट्रांसजेंडर मुखिया के घरों की जानकारी एकत्र की जा रही है. पहले की जनगणना में केवल पुरुष और महिला के लिए एक कॉलम हुआ करता था.” जनगणना 2021 पारंपरिक कलम और कागज से हटकर एक मोबाइल फोन एप्लिकेशन के माध्यम से की जाएगी. जनगणना की संदर्भ तिथि एक मार्च, 2021 होगी लेकिन बर्फबारी के कारण जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में यह 1 अक्टूबर, 2020 होगी.