नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने जम्मू कश्मीर के कठुआ जिले में किसानों को सिंचाई के लिए निर्बाध जल मुहैया करने और बिजली पैदा करने के लिए करीब 6,000 करोड़ रुपये के बहुद्देश्यीय परियोजना को मंजूरी दी है. केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने सोमवार को यह सूचना दी. उन्होंने एक बयान में कहा कि एक उच्च स्तरीय बैठक में यह फैसला किया गया कि उझ बहुद्देश्यीय परियोजना पर काम फौरन शुरू होगा. सिंह ने सोमवार की बैठक के नतीजे पर संतोष जाहिर करते हुए प्रधानमंत्री कार्यालय के इस संबंध में रूचि लेने और जल शक्ति मंत्रालय की भूमिका की भी सराहना की.

वहीं दूसरी तरफ  दिल्ली उच्च न्यायालय ने सोमवार को उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें आरोप लगाया है कि जम्मू-कश्मीर को दो केंद्र शासित प्रदेशों में बांटने के बावजूद इस पूर्ववर्ती राज्य के सांसद अवैध रूप से अपनी सीटों पर बने हुए हैं. साथ ही, याचिका में उन्हें संसद में प्रवेश करने से रोकने की मांग भी की गई थी. संसदीय कार्य मंत्रालय की ओर से पेश हुए केंद्र सरकार के वकील अनिल सोनी ने बताया कि न्यायमूर्ति बृजेश सेठी ने इस सिलसिले में एक सेवानिवृत प्रोफेसर की याचिका खारिज कर दी.

उससे पहले दिन में बहस के दौरान सोनी ने अदालत से कहा था कि यह याचिका विचारयोग्य नहीं है. सोनी ने उच्च न्यायालय में कहा कि याचिकाकर्ता सेवानिवृत्त प्रोफेसर अब्दुल गनी भट को अदालत जाने से पहले संसदीय कार्य मंत्रालय के समक्ष इस मुद्दे को उठाना चाहिए था. अदालत ने दिन में दोनों पक्षों को सुनने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था.

 

इनपुट- भाषा