नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली में पिछले एक सप्ताह से हवा की गुणवत्ता में लगातार गिरावट के मद्देनजर केन्द्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने 17 अक्टूबर को पांचों संबद्ध राज्यों के पर्यावरण मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों की उच्च स्तरीय आपात बैठक बुलाई है.

केंद्रीय पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर की अध्यक्षता में होने वाली बैठक में वायु प्रदूषण रोकने के लिए राज्य सरकारों के स्तर पर अब तक किए गए उपायों की समीक्षा की जाएगी. मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि बैठक में पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के पर्यावरण मंत्रियों और अतिरिक्त मुख्य सचिवों और प्रमुख सचिव (पर्यावरण) को बुलाया गया है.

उल्लेखनीय है कि सात अक्टूबर को जावड़ेकर ने दिल्ली और आसपास के इलाकों में वायु प्रदूषण को गंभीर स्थिति में पहुंचने से रोकने के लिए किए गए एहतियाती उपायों की जानकारी देते हुए कहा था कि जल्द ही संबद्ध राज्यों के पर्यावरण मंत्रियों की समीक्षा बैठक आहूत की जायेगी.

इस बीच दस अक्टूबर से वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) पर दिल्ली की स्थिति में लगातार गिरावट आ रही है. एक्यूआई पर बुधवार को पीएम 2.5 का स्तर बहुत खराब श्रेणी में 131 अंक पर पहुंच गया, जबकि पीएम10 का स्तर खराब से थोड़ा बेहतर 241 अंक पर था.

बैठक के लिए तय किए गए एजेंडे में दिल्ली के वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के उपायों को अमल में लाने के लिए 27 सितबंर को हुई बैठक में किए गए फैसलों की समीक्षा की जाएगी. इनमें पंजाब और हरियाणा में पराली जलाने की घटनाएं नहीं थमने पर गंभीरता से विचार किया जायेगा. इसके अलावा निर्माणकार्यों के कारण निकलने वाली धूल और कचरा जलाने जैसी घटनाओं को रोकने के लिए केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा गठित निगरानी दलों की पिछले दस दिनों में हुई कार्रवाई भी बैठक में समीक्षा के दायरे में होगी.

(इनपुट-भाषा)