नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई), उच्चतम न्यायालय के अन्य न्यायाधीशों, मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्तों के आधिकारिक बंगलों के साजोसज्जा के लिए मुहैया की जाने वाली राशि में 100 प्रतिशत की वृद्धि की है. यानि चीफ जस्टिस के बंगले की साज-सज्जा के लिए अब 5 लाख रूपये के स्थान पर दस लाख रूपये आवंटित किए जाएंगे.

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सूचना जारी
एक अधिकारी ने यह जानकारी देते हुए बताया कि मौजूदा प्रावधानों के अनुसार प्रधान न्यायाधीश को अपने आधिकारिक आवास के साजोसज्जा के लिए पांच लाख रुपये मिलते हैं, लेकिन अब यह राशि दोगुनी कर दी गई है. उन्होंने कहा कि इस संबंध में संपदा निदेशालय द्वारा हाल ही में केंद्रीय लोक निर्माण विभाग के महानिदेशक प्रभाकर सिंह को सूचना भेजी गई है. दोनों एजेंसियां केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय के तहत आती हैं.

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एक अन्य अधिकारी ने कहा, “उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीशों के आधिकारिक आवास की साजोसज्जा के लिए मौद्रिक सीमा चार लाख रुपये से बढ़ा कर आठ लाख रुपये कर दी गई है.”इसी प्रकार मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयुक्तों के सरकारी बंगलों के लिए मंत्रालय ने मौजूदा चार लाख रुपये की सीमा बढ़ाकर आठ लाख रुपये कर दी है. सूत्रों ने कहा कि संशोधित सीमा में फर्नीचर और बिजली के उपकरण शामिल होंगे. केंद्रीय लोक निर्माण विभाग सरकार की सबसे बड़ी निर्माण एजेंसी है और यह केंद्र सरकार के घरों, भवनों और अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर बाड़ लगाने तथा उनका रखरखाव करती है.(इनपुट एजेंसी)