अहमदाबाद: केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने रविवार को कहा कि पाकिस्तान में बह रहीं ‘अखंड भारत’ की छह में से तीन नदियों का भारत के हिस्से का पानी वहां जाने से रोकने को लेकर केंद्र सरकार काम कर रही है. उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर, पंजाब, राजस्थान, दिल्ली, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश को यह पानी मिलेगा. Also Read - US-China Conflict News: राष्ट्रपति ट्रम्प ने हांगकांग को मिलने वाली विशेष तरजीह खत्म की

महाराष्ट्र के नागपुर से गुजरात भाजपा की जन संवाद डिजिटल रैली को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि भारत अहिंसा और शांति में विश्वास करता है. गडकरी ने कहा, ‘ अखंड भारत में छह नदियां (जोकि भारत और पाकिस्तान दोनों देशों से गुजरती हैं) थीं. Also Read - अब अमेरिका से भिड़ा चीन, बोला- एक हजार साल से दक्षिण चीन सागर हमारा है

बंटवारे के मुताबिक, तीन नदियों का पानी पाकिस्तान के लिए आरक्षित था जबकि बाकी तीन नदियों के पानी का इस्तेमाल भारत को करना था. हमारे हिस्से का पानी भी पाकिस्तान में बह रहा है. ‘ उन्होंने कहा कि अब केंद्र सरकार भारत के हिस्से का पानी पाकिस्तान में जाने से रोकने के लिए काम कर रही है. Also Read - देश में कोरोना के मामले 9 लाख के पार, एक दिन में आए 28,498 नए केस

गुजरात में ‘जन संवाद’ नाम से आयोजित डिजिटल रैली को महाराष्ट्र के नागपुर से संबोधित करते हुए गडकरी ने कहा कि भारत शांति और अहिंसा में विश्वास करता है और वह विस्तारवादी बनकर मजबूत नहीं बनना चाहता.

उन्होंने कहा, ‘‘ … माओवादी समस्या पर लगभग जीत हासिल करना हो या पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद से देश की रक्षा करना…सीमा के एक ओर चीन है तो दूसरी ओर पाकिस्तान. हम शांति चाहते हैं, हिंसा नहीं.’’ नागपुर के सांसद ने मराठी उपन्यासकार शिवाजी सावंत के उपन्यास ‘मृत्युंजय’ का उल्लेख करते हुए कहा कि शांति और अहिंसा केवल ताकतवर ही स्थापित कर सकते हैं, कमजोर नहीं.