नई दिल्ली: केंद्र सरकार यह प्रस्ताव लेकर आई है कि लॉकडाउन के दौरान बुक किए गए टिकटों के लिए एयरलाइनों द्वारा 15 दिनों के भीतर पूरी राशि वापस दी जानी चाहिए, और यदि कोई एयरलाइन वित्तीय संकट में है और ऐसा करने में असमर्थ है तो उसे 31 मार्च, 2021 तक यात्रियों की पसंद की यात्रा क्रेडिट शेल प्रदान किया जाना चाहिए. घरेलू, अंतर्राष्ट्रीय और विदेशी एयरलाइनों में लॉकडाउन के दौरान बुक किए गए टिकटों के लिए पूर्ण राशि वापस करने का प्रस्ताव दिया गया है. Also Read - Lockdown in Chhattisgarh: कोविड-19 के संक्रमण के चलते छत्तीसगढ़ में 28 सितंबर तक लगेगा लॉकडाउन, रायपुर बना कंटेनमेंट जोन

सुप्रीम कोर्ट में एक हलफनामे में नागर विमानन के निदेशक ओ.के. गुप्ता ने कहा, घरेलू एयरलाइनों के लिए यदि टिकटों को सीधे एयरलाइन या एक एजेंट के माध्यम से पहले लॉकडाउन अवधि 25 मार्च-14 अप्रैल के दौरान 25 मार्च-3 मई के बीच पहली और दूसरी लॉकडाउन अवधि में यात्रा करने के लिए बुक किया गया था, तो ऐसे सभी मामलों में, एयरलाइंस द्वारा तुरंत पूरा रिफंड दिया जाएगा. Also Read - पीएम मोदी कोरोना के हालात पर 23 सितंबर को राज्यों के मुख्यमंत्रियों से करेंगे बातचीत! क्या फिर से लगेगा लॉकडाउन?

हलफनामे में कहा गया है, “अन्य सभी मामलों के लिए एयरलाइंस 15 दिनों के भीतर यात्री को एकत्रित राशि वापस करने के लिए सभी प्रयास करेगी. यदि वित्तीय संकट के कारण एयरलाइंस ऐसा करने में सक्षम नहीं हैं, तो वे एकत्र किए गए किराये की राशि के बराबर यात्री को क्रेडिट शेल प्रदान करेंगे. यह क्रेडिट शेल उस यात्री के नाम से जारी किया जाएगा, जिसने टिकट बुक किया है. यात्री अपनी पसंद के किसी भी मार्ग पर 31 मार्च, 2021 तक क्रेडिट शेल का इस्तेमाल करने में सक्षम होगा.” Also Read - श्रमिक स्‍पेशन ट्रेनों में यात्रा करते हुए 97 लोगों की जान गई: संसद में सरकार का जवाब

केंद्र ने कहा कि क्रेडिट शेल के उपभोग में देरी होने पर यात्री को क्षतिपूर्ति देने के लिए इंसेन्टिव मैकेनिज्म होगा, जैसे 30 जून, 2020 तक टिकट रद्द होने की तारीख से, क्रेडिट शेल के मूल्य (पहले ली गई टिकट के मूल्य) में 0.5 प्रतिशत की वृद्धि होगी.

हलफनामे में आगे कहा गया है, “इसके बाद, क्रेडिट शेल के मूल्य को मार्च 2021 तक प्रति माह अंकित मूल्य के 0.75 प्रतिशत तक बढ़ाया जाएगा. क्रेडिट शेल ट्रांसफर भी किया जा सकेगा. यात्री क्रेडिट शेल किसी भी व्यक्ति को ट्रांसफर कर सकता है, और एयरलाइंस इस तरह के ट्रांसफर का सम्मान करेगी. एयरलाइंस इस तरह के ट्रांसफर की सुविधा के लिए एक मैकेनिज्म तैयार करेगी. वहीं मार्च 2021 के अंत तक एयरलाइन क्रेडिट शेल धारक को नकद वापस कर देगी.”

केंद्र ने कहा कि यह समाधान व्यावहारिक है, क्योंकि यह यात्रियों के साथ-साथ एयरलाइंस के हितों को संतुलित करता है. उन्होंने इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट से इसके कार्यान्वयन के लिए एक उपयुक्त आदेश पारित करने का आग्रह भी किया.

याचिकाकर्ता प्रवासी लीगल सेल का प्रतिनिधित्व करते हुए एडवोकेट जोस अब्राहम ने कहा, “याचिकाकर्ता सभी टिकटों (घरेलू, अंतर्राष्ट्रीय और विदेशी कैरियर्स) के लिए पूर्ण वापसी का निर्देश देने वाली केंद्र सरकार की पहल का खुशी से स्वागत करता है. सरकार का दृष्टिकोण बहुत संतुलित है, क्योंकि क्रेडिट शेल का समय भी 31 मार्च, 2021 तक बढ़ाया गया है. यात्री टिकट बुकिंग के लिए इसका इस्तेमाल कर सकते हैं और क्रेडिट शेल न लेने पर मामूली ब्याज के साथ पूरा रिफंड मिलेगा और यह वास्तव में एक स्वागत योग्य कदम है.”