चेन्नई: केंद्र ने मंगलवार को मद्रास उच्च न्यायालय को बताया कि उसने राजीव गांधी हत्याकांड मामले में उम्र कैद की सजा पाये सभी सात दोषियों को रिहा करने के लिए तमिलनाडु सरकार के मार्च 2016 के एक प्रस्ताव को दो साल पहले खारिज कर दिया क्योंकि यह एक खतरनाक उदाहरण बनता.

केंद्र ने 18 अप्रैल 2018 को यह पत्र तमिलनाडु के मुख्य सचिव को लिखा था. केंद्रीय गृह मंत्रालय ने पत्र में कहा है कि एक पूर्व प्रधानमंत्री की नृशंस हत्या करने वालों को रिहा करने से एक खतरनाक उदाहरण बनता, जिनमें चार विदेशी चार नागरिक भी शामिल हैं. अतिरिक्त सॉलीसीटर जनरल जी राजगोपालन ने नलिनी श्रीहरण की याचिका पर सुनवाई के दौरान पत्र की एक प्रति न्यायमूर्ति आर सुबैया और न्यायमूर्ति आर पोंगीप्पन की पीट को सौंपा.

28 जनवरी तक एक जवाबी हलफनामा दाखिल करने को कहा
नलिनी सात दोषियों में शामिल है. पत्र पर संज्ञान लेते हुए पीठ ने केंद्रीय गृह सचिव को एक पक्षकार बनाया और अधिकारी को 28 जनवरी तक एक जवाबी हलफनामा दाखिल करने को कहा तथा तब तक के लिए मामले को स्थगित कर दिया.