नई दिल्ली: केंद्रीय अर्द्धसैन्य बलों ने सरकार को एक नई आंकलन व्यवस्था लाने के लिए कहा है, जिससे हर साल अक्षम या अस्वस्थ कर्मियों को हटा दिया जाएगा. अर्द्धसैन्य बलों के लड़ाकू श्रेणियों में 55,000 से अधिक जवान खराब मेडिकल श्रेणी में हैं. गृह मंत्रालय से ये सिफारिश की गई. हाल में यहां नॉर्थ ब्लॉक में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) की बैठक की गई थी. बैठक के बाद अर्द्धसैन्य बलों ने सरकार से अनुशंसा की कि अगर सेवानिवृत्ति की आयु बढ़ाकर 60 कर दी जाती है, तो वह ऐसी व्यवस्था की तलाश कर सकती है, जिसमें बल के उद्देश्य के अनुसार उसमें बने रहने के लिए अक्षम लोगों को निकालने के लिए वार्षिक आंकलन हो. Also Read - कश्मीर में CRPF जवान को आतंकियों ने मारी गोली, शहीद होने के बाद छीने हथियार

बता दें कि 6 सीएपीएफ केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ), सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ), सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी), केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ), भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) और असम राइफल्स हैं. नई आंकलन व्यवस्था के कदम की पुष्टि करते हुए मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि प्रस्ताव का गृह मंत्रालय के सबसे शीर्ष स्तर पर आंकलन किया जा रहा है. Also Read - Sarkari Naukri 2020: SSB Constable Recruitment 2020: 10वीं पास के लिए SSB में कांस्टेबल के 1,522 पदों पर निकली वैकेंसी, जल्द करें आवेदन, 69000 तक मिलेगी सैलरी

दिल्ली हाईकोर्ट ने हाल ही में इन बलों में कमांडेंट रैंक तक के जवानों और अधिकारियों की सेवानिवृत्ति की आयु 57 से बढ़ाकर 60 करने का निर्देश दिया था जैसा कि सीआईएसएफ और असम राइफल्स में हैं. इसके बाद यह बैठक बुलाई गई. अदालत ने चार अर्द्धसैन्य बलों सीआरपीएफ, बीएसएफ, आईटीबीपी और एसएसबी में सेवानिवृत्ति की अलग-अलग आयु की मौजूदा नीति को भेदभावपूर्ण और असंवैधानिक बताया था. Also Read - हथियारों के साथ-साथ ड्रग्स की तस्करी के फिराक में था पाकिस्तान, BSF ने मंसूबों को किया नाकाम