नई दिल्ली. केंद्रीय मंत्रिमंडल के समक्ष बृहस्पतिवार को विश्वविद्यालय शिक्षकों के लिये आरक्षण व्यवस्था के संबंध में अध्यादेश लाया जा सकता है. सूत्रों ने बताया, मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने विश्वविद्यालयों में शिक्षकों के लिये आरक्षण व्यवस्था पर अध्यादेश कैबिनेट की मंजूरी के लिये भेजा है और इसे बृहस्पतिवार को कैबिनेट बैठक में पेश किया जा सकता है.

बहरहाल, मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने मंगलवार को अश्वासन दिया कि केंद्र सरकार शैक्षणिक संस्थानों में आरक्षण रोस्टर बहाल करने को प्रतिबद्ध है और इस संबंध में किसी विरोध प्रदर्शन की जरूरत नहीं है. इस संबंध में छात्रों और शिक्षक संगठनों की ओर से सरकार से आग्रह किया गया है कि शिक्षक पदों में आरक्षण इकाई के रूप में कालेजों एवं विश्वविद्यालयों में 200 प्वाइंट की रोस्टर प्रणाली को बहाल करने के लिये अध्यादेश लाया जाए.

जावड़ेकर ने ये कहा था
जावड़ेकर ने कहा, कुछ समूहों ने प्रदर्शन करने का निर्णय किया है. मैं उन्हें आश्वस्त करना चाहता हूं कि विरोध प्रदर्शन की कोई जरूरत नहीं है. उन्होंने कहा, हम 200 प्वाइंट वाला आरक्षण रोस्टर लायेंगे. इसे कैसे किया जायेगा, इस बारे में स्थिति दो दिनों में स्पष्ट हो जायेगी.

मेट्रो के चौथे फेज को भी मिल सकती है मंजूरी
दूसरी तरफ केन्द्रीय कैबिनेट बृहस्पतिवार को दिल्ली मेट्रो के प्रस्तावित चौथे फेज को मंजूरी दे सकती है. उन्होंने कहा कि दिसंबर में आप सरकार ने दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी) के मेट्रो के चौथे फेज को कुछ शर्तों के साथ मंजूरी दी थी जिसमें संचालन में नुकसान में 50:50 प्रतिशत की साझेदारी शामिल थी. हालांकि, केन्द्रीय आवासीय एवं शहरी मामलों के मंत्रालय ने आप सरकार द्वारा लगाई गई शर्तों पर आपत्ति जताई थी.