नई दिल्ली. सामान्य श्रेणी के आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के लिए 10 फीसदी आरक्षण को राष्ट्रपति की भी मंजूरी मिल गई है. अब केंद्र सरकार ने सभी केंद्रीय शिक्षण संस्थानों में सीटों में बढ़ोत्तरी का फैसला लिया है. अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, आईआईटी, आईआईएम, एनआईटी समेत अन्य केंद्रीय विश्वविद्यालयों और संस्थानों में करीब 3 लाख सीटों के इजाफे की बात कही जा रही है.

इसके तहत हर केंद्रीय शैक्षिक संस्थान में करीब 25 फीसदी सीटों के इजाफे का अनुमान लगाया गया है. सरकार के इस निर्णय के मुताबिक, साल 2021 तक आईआईटी में करीब 5100 और आईआईएम में करीब 800 सीटों की बढ़ोत्तरी हो सकती है. दूसरी तरफ केंद्र सरकार ने राज्यों को भी अपने शैक्षिक संस्थानों में ऐसी व्यवस्था को लागू करने के लिए चिट्ठी लिखी है.

सेंट्रल यूनिवर्सिटी में बढ़ जाएंगी सीटें
रिपोर्ट में कहा गया है कि दिल्ली विश्वविद्यालय जैसी सेंट्रल यूनिवर्सिटी में अब करीब 16 हजार स्टूडेंट्स की सीटें बढ़ जाएंगी. विश्व भारती विश्वविद्यालय में 822 और जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय में भी 346 अतिरिक्त सीटों पर ऐडमिशन लिए जाएंगे.

फिलहाल 9.3 लाख स्टूडेंट ले रहे हैं शिक्षा
रिपोर्ट के मुताबिक, केंद्र सरकार द्वारा वित्तपोषित सभी संस्थाओं में करीब 9.3 लाख स्टूडेंट्स के पढ़ने की व्यवस्था होती है. इसमें आईआईटी, आईआईएम, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस, नैशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नॉलजी, सभी केंद्रीय विश्वविद्यालय, केंद्रीय मुक्त विश्वविद्यालय, सरकारी कॉलेज, डीम्ड यूनिवर्सिटी एवं अनुदान प्राप्त कॉलेजों की सीटें शामिल हैं. नए आरक्षण व्यवस्था से अब शैक्षिक संस्थानों में ढाई से तीन लाख अतिरिक्त सीटें बढ़ेंगी.