नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ को ‘जेड’ श्रेणी की सुरक्षा दी है. केंद्र सरकार ने राज्यपाल को ‘संभावित खतरे’ के मद्देनजर वीआईपी सुरक्षा कवर दिया है. अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को बताया कि केंद्रीय गृह मंत्रालय ने आदेश जारी कर केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) को धनखड़ की सुरक्षा का जिम्मा संभालने का निर्देश दिया है. राज्यपाल को सुरक्षा कवर समूचे देश में दिया जाएगा. ‘जेड’ श्रेणी के तहत पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जब भी कहीं जाएंगे उनके साथ करीब 8-10 सुरक्षाकर्मी होंगे. उन्होंने कहा कि अर्द्धसैनिक बल उनकी सुरक्षा का जिम्मा जल्द संभालेंगे.

अधिकारियों ने बताया कि केंद्रीय सुरक्षा और खुफिया एजेंसियों की खतरे की मूल्यांकन रिपोर्ट के आधार पर राज्यपाल को सीआरपीएफ का सुरक्षा कवर दिया गया है. एजेंसियों ने पाया है कि धनखड़ को पेशेवर सुरक्षा कर्मियों द्वारा सुरक्षा देने की जरूरत है, खासकर, यादवपुर विश्वविद्यालय में घटित घटना के मद्देनजर. दरअसल, केंद्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो के साथ विश्वविद्यालय में धक्का-मुक्की की गई थी और राज्यपाल उन्हें बचाने के लिए गए थे. सीआरपीएफ केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह समेत वीआईपी लोगों की सुरक्षा करती है.

आपको बता दें कि बीते दिनों दुर्गा पूजा के दौरान टीएमसी ने एक कार्यक्रम का आयोजन किया था जहां राज्यपाल को सबसे किनारे की सीट दी गई थी. किनारे होने की वजह से राज्यपाल कार्यक्रम को ठीक तरीके से देख नहीं पा रहे थे. इससे नाराज होकर उन्होंने कहा- ‘महोत्सव में मैने अपमानित महसूस किया. मैं बहुत दुखी और व्यथित हूं. यह मेरा नहीं बल्कि पश्चिम बंगाल के लोगों का अपमान है. वह इस अपमान को पचा नहीं पाएंगे.’ एक कार्यक्रम से इतर धनखड़ ने कहा कि मैं पश्चिम बंगाल के लोगों का सेवक हूं. लेकिन मेरे संवैधानिक कर्तव्यों को पूरा करने के आड़े कुछ नहीं आ सकता है. इस कार्यक्रम में ममता बनर्जी मंत्रिमंडल के सदस्य, राज्यपाल, विभिन्न वाणिज्य दूतावासों के सदस्य तथा अन्य माननीय और पर्यटक शामिल हुए.

(इनपुट-भाषा)