कोलकाता. पश्चिम बंगाल में लोकसभा चुनाव के बाद भी जारी हिंसा को लेकर राजनीति थम नहीं रही है. राज्य में सत्तारूढ़ ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस की सरकार और भाजपा के बीच तनाव खत्म नहीं हो रहा है. इस बीच बीते दिनों केंद्र सरकार की ओर से गृह मंत्रालय ने इस संबंध में बंगाल सरकार को एडवाइजरी यानी परामर्श भेजा. इसमें केंद्र ने बंगाल में हिंसा को कानून-व्यवस्था की नाकामी बताते हुए सवाल उठाया. इसके जवाब में ममता बनर्जी की सरकार ने केन्द्र को एक पत्र लिख कर कहा है कि राज्य में लोकसभा चुनाव के बाद झड़प की छिटपुट घटनाएं हुई हैं, लेकिन स्थिति ‘‘नियंत्रण में’’ है. तृणमूल कांग्रेस के नेता ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर गृह मंत्रालय के इस एडवाइजरी को बंगाल के खिलाफ साजिश करार दिया. पार्टी ने कहा कि यूपी में हिंसा की घटनाओं पर परामर्श नहीं दिया जा रहा, जबकि बंगाल में शांति भंग करने की कोशिश हो रही है.

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दरअसल, तृणमूल कांग्रेस और भाजपा के कार्यकर्ताओं के बीच हिंसा में शनिवार को चार लोगों के मारे जाने के बाद केंद्र ने रविवार को एक परामर्श जारी किया था, जिस पर राज्य सरकार ने यह जवाब दिया है. राज्य के मुख्य सचिव मलय कुमार डे ने गृह मंत्रालय को लिखे पत्र में कहा है, ‘‘हिंसा के सभी मामलों में बिना किसी देरी के कड़ी और उचित कार्रवाई की गई.’’ उन्होंने लिखा, ‘‘कुछ असमाजिक तत्वों ने चुनाव बाद झड़प की छिट पुट घटनाओं को अंजाम दिया. कानून प्रवर्तन अधिकारी ऐसे सभी मामलों में बिना किसी देरी के कड़ी एवं उचित कार्रवाई करते हैं.’’

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पत्र में कहा गया है कि उत्तर 24 परगना जिले के नाजट पुलिस थाना क्षेत्र के तहत हुई इस ताजा घटना में भी मामला दर्ज कर लिया गया है और जांच शुरू कर दी गई है. वह भी इस परिस्थिति में जब क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए पुलिस बल सड़कों पर और आस-पास के क्षेत्रों में व्यस्त हैं. पत्र में कहा गया कि स्थिति नियंत्रण में है और किसी भी परिस्थिति में इसे राज्य में कानून का शासन बनाए रखने में कानून लागू करने वाले तंत्र की नाकामी नहीं समझा जाना चाहिए.’’ इससे पहले, पश्चिम बंगाल सरकार को दिए परामर्श में गृह मंत्रालय ने उससे कानून व्यवस्था और शांति बनाए रखने को कहा. परामर्श में कहा गया है, ‘‘पिछले कुछ हफ्तों से राज्य में बगैर उकसावे के हो रही हिंसा राज्य में कानून व्यवस्था बनाए रखने और जनता में विश्वास कायम करने में राज्य के कानून प्रवर्तन तंत्र की नाकामी प्रतीत होती है.’’

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गृह मंत्रालय के परामर्श को लेकर जैसे कि उम्मीद थी, बंगाल में राजनीति शुरू हो गई. तृणमूल कांग्रेस के महासचिव पार्थ चटर्जी ने केन्द्र द्वारा राज्य सरकार को परामर्श भेजे जाने को राज्य सरकार के खिलाफ षड्यंत्र बताया. उन्होंने संवाददाताओं से कहा कि पश्चिम बंगाल देश का सर्वाधिक शांतिप्रिय राज्य है और यहां राजनीतिक खून-खराबे की कोई घटना नहीं हुई है. उत्तर प्रदेश को इस तरह का परामर्श क्यों नहीं भेजा जा रहा है, जबकि वहां से हिंसा की घटनाएं होने की सूचना मिल रही हैं.

(इनपुट – एजेंसी)