नई दिल्लीः केंद्र ने एक फरवरी से खत्म ड्राइविंग लाइसेंस, परमिट और पंजीकरण जैसे दस्तावेज की वैधता 30 जून तक के लिये बढ़ाने का फैसला किया है. इस पहल का मकसद कोरोना वायरस संक्रमण की रोकथाम के लिये जारी ‘लॉकडाउन’ (बंद) के दौरान जरूरी सामान की ढुलाई को सुचारू बनाना है. Also Read - अब दिल्ली के किसी भी स्टेशन पर नहीं मिलेंगे प्लेटफॉर्म टिकट, जानिए क्यों लिया गया ये फैसला

सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने सोमवार को सभी राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों को जारी परामर्श में उनसे उपराोक्त ऐसे दस्तावेज को 30 जून तक वैध माने जाने को कहा है जिनकी मियाद एक फरवरी को समाप्त हो गयी है. Also Read - 1 मई से 18 के ऊपर सभी को लगेगी कोरोना वैक्सीन, मोदी सरकार ने लिया बड़ा फैसला

यह कदम उन नागरिकों की मदद के लिये उठाया गया है जिन्हें मोटर वाहन कानून और केंद्रीय मोटर वाहन नियम के तहत ‘लॉकडाउन’ के दौरान परिवहन दफ्तर बंद होने के कारण विभिन्न दस्तावेजों की वैधता के नवीनीकरण में समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है. Also Read - मध्य प्रदेश: कोरोना संकट के बीच मुख्यमंत्री का बड़ा ऐलान, गरीबों को 3 माह का राशन निशुल्क मिलेगा

मंत्रालय ने कहा है, ‘‘सभी राज्यों से आग्रह है कि वे मोटर वाहनू कानून और नियम के तहत उन दस्तावेजों को 30 जून तक वैध मानें जिनकी वैधता एक फरवरी 2020 को समाप्त हो गयी है और देशव्यापी बंद के कारण उनका नवीनीकरण नहीं कराया जा सका है.’’

जिन दस्तावेजनों की वैधता की अवधि बढ़ायी गयी है, उसमें मोटर वाहन कानून के तहत फिटनेस प्रमाणपत्र, सभी प्रकार के परमिट, ड्राइविंग लाइसेंस, पंजीकरण या अन्य संबंधित दस्तावेज शामिल हैं.