डीजल और ATF के निर्यात पर सरकार ने बढ़ाई एक्सपोर्ट ड्यूटी, अब 14 रुपये/L चुकाना होगा टैक्स

Written By: Arun Kumar Updated by: Arun Kumar
Updated Date:June 16, 2026 9:12 AM IST

केंद्र सरकार ने विदेशों में निर्यात होने वाले डीजल और एविएशन टरबाइन फ्यूल (ATF) पर लगने वाली एक्पोर्ट ड्यूटी बढ़ा दी है. अब कंपनियों को डीजल पर प्रतिलीटर 14 रुपये चुकाने होंगे.

पश्चिम एशिया में ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे संघर्ष का अब भले अंत होता दिख रहा हो, लेकिन इसके बावजूद भारत सरकार ने सोमवार को विंडफाल टैक्स (अतिरिक्त कर) के रूप में डीजल और एविएशन टरबाइन ईंधन (ATF) के करों में बढ़ोतरी कर दी है. हालांकि सरकार ने निर्यात किए जाने वाले पेट्रोल किसी तरह की नई लेवी नहीं लगाई है. सरकार के इस फैसले का मतलब हुआ कि जो तेल कंपनियां भारत से बाहर अपने उत्पादों का निर्यात करती हैं उन्हें अब इस पर ज्यादा लेवी (अतिरिक्त कर) चुकानी होगी.

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SAED के तहत बढ़ाई एक्सपोर्ट ड्यूटी

सरकार ने इन उत्पादों पर स्पेशल एडिशन एक्साइज ड्यूटी (SAED) के तहत यह कर लगाया है. अब भारत से निर्यात होने वाले डीजल पर प्रति लीटर 14 रुपये चुकाने होंगे, इस बढ़ोतरी से पहले यह कर 13.5 रुपये प्रति लीटर था. एविएशन टरबआइन ईंधन (ATF) पर अब 9.5 रुपये प्रति लीटर की जगर 12.5 प्रति लीटर चुकाने होंगे. पेट्रोल पर यह कर 1.5 प्रति लीटर था, जो अब वह वही रहेगा.

आज से संशोधित टैक्स लागू

केंद्र सरकार के वित्त मंत्रालय द्वारा जारा विज्ञप्ति के मतुाबिक, ये संशोधित कीमते 16 जून (मंगलवार) से लागू होंगी. सरकार ने घरेलू बाजार में करों की कीमतों से कोई छेड़छाड़ नहीं की है.

घरेलू बाजार में तेल की पूर्ति बहाल रखने के लिए सरकार का फैसला

सरकार ने यह कदम इसलिए उठाए हैं, ताकि तेल रिफाइनिंग कंपनियां इस समय अपने तेल उत्पादों का निर्यात सीमित रखें और वे घरेलू मांग की पूर्ति में जरूरी योगदान बनाए रखें. सोमवार को ही ईरान और अमेरिका ने शांति-समझौते की बात कहकर कच्चे तेल की आपूर्ति को लेकर दुनिया को राहत की खबर दी है लेकिन अभी यह समझौता अपने शुरुआती दौर में ही है.

अभी जैविक उत्पादों का निर्यात बढ़ाना नहीं चाहती सरकार

सरकार की प्राथमिकता है कि पश्चिम एशिया में संघर्ष के चलते तेल की उपलब्धता को लेकर आ रही चुनौतियों के बीच पर्याप्त घरेलू उपलब्धता सुनिश्चित कर सके. इसलिए उसने निर्यात होने वाले डीजल और एविएशन टरबाइन फ्यूल पर यह अतिरिक्त टैक्स लगाया है. इस पर टैक्स बढ़ाने से इन उत्पादों के निर्यात में कमी आएगी और ये घरेलू बाजार में सप्लाई हो सकेंगे.

मार्च से पेट्रोलियम उत्पादों पर लगातार बढ़ रही है ड्यूटी

पश्चिम एशिया में ईरान और अमेरिका के बीच 28 फरवरी को शुरू हुए संघर्ष के बीच भारत सरकार ने निर्यात होने वाले डीजल और ATF पर लगने वाले टैक्स को पहली बार मार्च में बढ़ाया था. इसके बाद अब तक सरकार ने समय-समय पर कई बार इस टैक्स में बढ़ोतरी की है.

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