नई दिल्ली. बनारस हिंदू विश्वविद्लाय (बीएचयू) का इंस्टीट्यूट आफ मेडिकल साइंस (आईएमएस) जल्द ही एम्स जैसा संस्थान बन जाएगा. सरकार आईएमएस में सुविधाओं को उन्नत बनाने के प्रस्ताव पर आगे बढ़ रही है. इस पर 616 करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है. नीति आयोग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी.Also Read - CoronaVirus In India: कोरोना के इलाज की नई गाइडलाइंस जारी, कब कराएं टेस्ट, कौन-सी दवा ना लें, जानिए

अधिकारी ने कहा कि सरकार आईएमएस के कामकाज में सुधार लाना चाहती है और इसे अधिक कार्यशील तथा वित्तीय स्वायत्तता देना चाहती है. अधिकारी ने बताया, “केंद्र आईएमएस बीएचयू को एम्स जैसे संस्थान की तरह विकसित करना चाहता है. केंद्र इसके लिए संस्थान में बिस्तरों की संख्या को बढ़ाने और सुपर स्पेशियलिटी स्वास्थ्य सुविधाएं देने के लिए 2018-19 और 2019-20 में कुल 616 करोड़ रुपये का निवेश करेगा. Also Read - कोरोना के बढ़ते खतरों के बीच AIIMS प्रमुख का राहत देने वाला बयान- 'यह बेहद हल्की बीमारी, घबराएं नहीं; सतर्क रहें और...'

अगस्त 2018 में हुआ था करार
आईएमएस-बीएचयू को उन्नत करके एम्स की तरह बनाने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार, मानव संसाधन विकास मंत्रालय और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के बीच चार अगस्त 2018 को करार हुआ था. आईएमएस पहला सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल होगा, जो कि बीएचयू अधिनियम द्वारा शासित होगा न कि एम्स अधिनियम के तहत. यह वाराणसी और उसके आसपास के जिलों के लिये बेहतर चिकित्सकीय सुविधा देने का काम करेगा. Also Read - NEET PG 2021 काउंसलिंग जल्‍द कराने का आश्‍वासन मिला, AIIMS Delhi RDA ने कल हड़ताल वापस लेने का फैसला किया