नई दिल्ली। सरकार ने सोमवार को केंद्रीय कर्मचारियों के 196 भत्‍तों में संशोधन किया है. भत्‍तों में हुए नए संशोधन के तहत अब परिवार नियोजन, हेयर कटिंग, टॉयलेट सोप जैसे भत्‍तों को समाप्‍त कर दिया गया है. इसके अलावा कैबिनेट सचिव को हर महीने मिलने वाली मनोरंजन राशि को भी खत्‍म कर दिया गया है. Also Read - कर्मचारियों के DA कटौती का आदेश वापस ले रही है मोदी सरकार? जानिए इसकी सच्चाई

एक अधिकारी ने कहा कि सरकार वित्त सचिव अशोक लवासा की अध्यक्षता वाली ‘भत्तों पर समिति’ (सीओए) की कई सिफारिशों को स्वीकार कर रही है. जिनमें सरकारी कर्मचारियों के कई वर्गो को दिये जाने वाले कई अनुदान और आवंटन को समाप्त कर दिया गया है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल की 28 जून को हुई बैठक में भत्तों को संशोधित करने के फैसले को मंजूरी दी गयी और छह जुलाई को औपचारिक आदेश जारी किया गया. सीओए ने सातवें केंद्रीय वेतन आयोग की रिपोर्ट का संदर्भ दिया था जिसने केंद्र सरकार के कर्मचारियों की विभिन्न श्रेणियों को दिये जाने वाले 196 भत्तों का अध्ययन किया था.

सीओए ने 27 अप्रैल को अपनी रिपोर्ट सौंपी थी जिसके बाद सरकार ने 34 संशोधनों के साथ उसकी सिफारिशों को स्वीकार करने का फैसला किया. एक अधिकारी ने ब्योरा देते हुए कहा कि देश के शीर्षस्थ नौकरशाह कैबिनेट सचिव को प्रतिष्ठित आगंतुकों की खातिरदारी के लिए दिया जाने वाला 10 हजार रुपये महीने का मासिक भत्ता भी समाप्त कर दिया गया है.

कैबिनेट सचिवालय में काम कर रहे अधिकारियों को दिये जाने वाले ‘गुप्त’ भत्ते भी नहीं दिये जाएंगे. गोपनीय कागजातों से जुड़े काम करने और संवेदनशील जिम्मेदारियों को निभाने के लिए यह भत्ता दिया जाता था.

एक अधिकारी ने बताया कि केंद्र सरकार के कर्मचारियों को छोटे परिवारों के लिए प्रोत्साहित करने के लिहाज से वरिष्ठता के आधार पर 210 से 1000 रपये प्रति महीने का परिवार नियोजन भत्ता दिया जाता है, जो अब नहीं दिया जाएगा.

हालांकि ‘साइकल’ और ‘फ्यूनरल’ भत्ते समाप्त नहीं किये गये हैं. वेतन आयोग ने इन्हें भी बंद करने की सिफारिश की थी. साइकल के अधिक इस्तेमाल से जुड़े काम करने वाले कर्मचारियों को 90 रुपये का साइकल भत्ता दिया जाता है. संबंधित कर्मियों को सरकारी कामकाज के लिए अपनी साइकल रखनी होती है.

भाषा से इनपुट के साथ