मोदी सरकार ने ज्यादा इथेनॉल वाले पेट्रोल को कर दिया ड्यूटी फ्री, क्या है इसके मायने! क्या सस्ता मिलेगा?
केंद्र सरकार ने ज्यादा इथेनॉल वाले पेट्रोल से एक्साइज ड्यूटी हटाने का फैसला लिया है. सरकार ने नोटिफिकेशन जारी कर इसकी जानकारी दी. इस फैसले के तहत इथेनॉल मिक्स पेट्रोल की ई-20 से ऊपर वाली कैटिगरी के पेट्रोल शमिल होंगे.
एथनोल मिक्स्ड पेट्रोल हुआ ड्यूटी फ्री @IANS
पश्चिम एशिया में चल रहे भारी तनाव के बीच देश में ईंधन का संकट गहरा रहा है, जिसके चलते कीमतें भी लगातार बढ़ रही हैं. इस बीच केंद्र सरकार ने पेट्रोल की कीमतों को स्थिर रखने के लिए एक बड़ा फैसला लिया है. सरकार ने ज्यादा इथेनॉल मिक्स वाले पेट्रोल से एक्साइज ड्यूटी खत्म कर दी है. अब E20 से ज्यादा इथेनॉल मिक्स्ड पेट्रोल पर कोई एक्साइज ड्यूटी नहीं लगेगी. इसके दायरे ई-22, ई-25, ई-27 और ई-30 स्तर के पेट्रोल आएंगे. इन सभी में 20 फीसदी से ज्यादा इथेनॉल मिक्स होता है.
न्यूज एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार द्वारा जारी नोटिफिकेशन क मुताबिक जिस पेट्रोल में 22 प्रतिशत, से 30 प्रतिशत तक इथेनॉल मिक्स है, उस पर कोई एक्साइज ड्यूटी नहीं लगेगी. यह छूट E22, E25, E27 और E30 कैटेगरी के पेट्रोल पर लागू है. सरकार का यह फैसला ऐसे समय में आया है, जब भारत कच्चे तेल के आयात पर अपनी निर्भरता कम करने और देश में बनी निर्मित स्वच्छ ऊर्जा वाले ईंधन को बढ़ावा देने की मुहिम में लगातार बायोफ्यूल प्रोग्राम का विस्तार करने में जुटी है. भारत कच्चे तेल का आयात करने वाला दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा देश है.
ईंधन में इथेनॉल का क्या है महत्व?
भारत अपनी ईंधन की जरूरतों को पूरा करने के लिए बड़ी मात्रा में कच्चे तेल का आयात करता है. भारत में इसका उत्पादन सीमित होता है ऐसे में उसे इसकी पूर्ति के लिए विदेशों पर निर्भर रहना होता है. यह देश के सबसे ज्यादा खर्चे वाले आइटम में से एक है. सरकार ने इस चुनौती का सामने करने में इथेनॉल को एक रणनीतिक टूल बनाने का फैसला किया.
कीमतों में आएगा क्या बदलाव?
सरकार ने इस फैसले से फिलहाल रिटेल आउटलेट्स पर बिकने वाले पेट्रोल की कीमतों में किसी बदलाव के संकेत नहीं हैं. हालांकि उम्मीद की जा रही है इस फैसले से ज्यादा से ज्यादा इथेनॉल-ब्लेंडेड फ्यूल को बढ़ावा मिलेगा. भारतीय उपभोक्ताओं का हमेशा इस बात पर जोर रहा है कि जब वह इथेनॉल मिक्स्ड पेट्रोल का इस्तेमाल कर रहे हैं तो उन्हें यह सामान्य पेट्रोल से सस्ता मिलना चाहिए.
इथेनॉल मिक्स होने पर भी कीमतें क्यों रहती हैं समान?
उपभोक्ताओं का तर्क है कि इथेनॉल पूरी तरह भारत में निर्मित है, जिसे पेट्रोल में 20, 22, 25, 27 और 30 फीसदी तक मिक्स किया जा रहा है. ऐसे में देश में उसकी कीमतें भी कम होनी चाहिए, लेकिन इथेनॉल को लेकर सरकार के डेटा बताते हैं कि वह कोई सस्ता उत्पाद नहीं है. उसका उत्पादन भले भारत में ही हो रहा है लेकिन इससे उसकी पूर्ति का मसला भले हल होता है लेकिन कीमतों में बदलाव नहीं आ पाता. यहां तक कि इथेनॉल रिफाइन होने वाले पेट्रोल की अपेक्षा महंगा ही पड़ता है. ऐसे में पेट्रोल में ईथेनॉल के मिक्स होने से कीमतों में कमी नहीं आती.
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