कोलकाता: गणतंत्र दिवस परेड में पश्चिम बंगाल की योजनाओं को रेखांकित करने वाली झांकी के प्रस्ताव को मंजूरी नहीं मिलने पर बृहस्पतिवार को तृणमूल कांग्रेस ने भाजपा नीत केंद्र सरकार पर हमला बोला और आरोप लगाया कि संशोधित नागरिकता कानून का विरोध करने के कारण राज्य के लोगों का अपमान किया गया. प्रदेश भाजपा ने इस पर तुरंत पलटवार करते हुए आरोप लगाया कि तृणमूल सरकार ने नियमों एवं प्रक्रियाओं का सही तरीके से पालन नहीं किया और इसी कारण यह प्रस्ताव खारिज हुआ.

 

सूत्रों ने बताया कि पश्चिम बंगाल सरकार ने परेड में अपनी पुरस्कार प्राप्त नकद हस्तांतरण योजना ‘कन्याश्री’ के प्रदर्शन का प्रस्ताव दिया था, इसके अलावा स्कूली छात्रों को साइकिल वितरण योजना ‘सबुज साथी’ और जल संरक्षण योजना ‘जोल ढोरो जोल भोरो’ परियोजना का विकल्प दिया गया था. रक्षा मंत्रालय द्वारा बुधवार को जारी बयान के अनुसार एक विशेषज्ञ समिति ने दो दौर की बैठक में इस संबंध में पड़ताल करने के बाद पश्चिम बंगाल के प्रस्ताव को खारिज कर दिया. इसमें कहा गया कि विशेषज्ञ समिति की दूसरे दौर की बैठक में विचार-विमर्श के बाद पश्चिम बंगाल सरकार के झांकी के प्रस्ताव को विचार के लिए आगे नहीं बढ़ाया गया. इसके अनुसार, यहां यह बताना प्रासंगिक है कि 2019 के गणतंत्र दिवस परेड में हिस्सा लेने के लिए इसी प्रक्रिया के तहत पश्चिम बंगाल सरकार की झांकी को सूचीबद्ध किया गया था.

राज्य के साथ ‘बदले की भावना’ से बर्ताव कर रही है केंद्र सरकार: रॉय
पश्चिम बंगाल में संसदीय मामलों के राज्य मंत्री तापस रॉय ने आरोप लगाया कि भाजपा नेतृत्व वाली केंद्र सरकार राज्य के साथ ‘बदले की भावना’ से बर्ताव कर रही है. रॉय ने कहा कि चूंकि पश्चिम बंगाल भाजपा सरकार की जनविरोधी नीतियों का विरोध कर रहा है इसी कारण राज्य के साथ सौतेला बर्ताव किया जा रहा है. चूंकि हमलोग सीएए जैसे जनविरोधी कानूनों का विरोध कर रहे हैं इसलिए केंद्र ने हमारी झांकी के प्रस्ताव को खारिज किया है. उन्होंने कहा कि यह पहली बार नहीं है जब पश्चिम बंगाल की झांकी के प्रस्ताव को मंजूरी नहीं मिली है. ऐसा पहले भी हो चुका है.

भाजपा ने किया पश्चिम बंगाल की जनता का अपमान
रॉय ने कहा कि ऐसी घटिया राजनीति जनविरोधी नीतियों का विरोध करने से हमें डिगा नहीं पाएगी. भाजपा ने पश्चिम बंगाल की जनता का अपमान किया है और निकट भविष्य में उन्हें इसका माकूल जवाब मिलेगा. ‘कन्याश्री योजना’ की शुरुआत 2013 में हुई थी. यह एक नकद हस्तांतरण योजना है जिसका उद्देश्य लड़कियों को स्कूलों में बनाए रखना है और उनके समय-पूर्व विवाह को रोकना है. संयुक्त राष्ट्र ने 2017 में ‘कन्याश्री योजना’ को कन्या शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए अपने सर्वोच्च लोक सेवा पुरस्कार से सम्मानित किया था.

तृणमूल के आरोपों को भाजपा ने बताया बेबुनियाद
राज्य के एक अन्य मंत्री ने कहा कि 2015 में भी हमने कन्याश्री को दिखाने और 2018 में गणतंत्र दिवस परेड के दौरान ‘एकता-ई समप्रीति’ (एकता सद्भाव है) कार्यक्रम को दिखाने का प्रस्ताव दिया था, जिसे खारिज कर दिया गया था. इन आरोपों के जवाब में पश्चिम बंगाल के भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष ने कहा कि झांकी का प्रस्ताव इसलिए खारिज हुआ क्योंकि राज्य सरकार ने प्रस्ताव पेश करने में नियमों एवं प्रक्रिया का पालन नहीं किया था. घोष ने कहा कि राज्य सरकार ने नियमों का पालन नहीं किया. अन्य राज्यों ने इसका पालन किया इसलिए उनकी झांकी के प्रस्तावों को मंजूरी मिली. तृणमूल को हर मुद्दे पर राजनीति करना बंद करना चाहिए. भाजपा के प्रदेश महासचिव सयनतन बसु ने भी तृणमूल के आरोपों को ‘बेबुनियाद’ बताया. (इनपुट एजेंसी)