नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने दिल्ली हाईकोर्ट में मुख्य न्यायाधीश के पद पर जस्टिस अनिरुद्ध बोस की नियुक्ति करने के सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम के सुझाव को अस्वीकार कर दिया है. बोस कलकत्ता हाईकोर्ट के न्यायाधीश हैं. बता दे कि इससे पहले सरकार उत्तराखंड के चीफ जस्टिस के.एम. जोसफ को सुप्रीम कोर्ट में जज बनाए जाने के कॉलेजियम के प्रस्ताव को ठुकरा चुकी है.

पांच महीने तक फाइल को लंबित रखने के बाद सरकार ने कॉलेजियम से अपने फैसले पर फिर से विचार करने को कहा. इसके पीछे सरकार ने तर्क दिया है कि बोस के पास मुख्य न्यायाधीश के तौर पर कोई अनुभव नहीं है, जिसके आधार पर वह इतने प्रमुख हाई कोर्ट का यह पद संभाल सकें. बोस 2004 से एक न्यायाधीश के तौर पर काम कर रहे हैं.

सरकार चाहती है कि कॉलेजियम 59 साल न्यायाधीश बोस की जगह दिल्ली हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के लिए किसी और नाम पर विचार करे. दिल्ली हाई कोर्ट में एक साल से भी ज्यादा वक्त से कोई पूर्णकालिक मुख्य न्यायाधीश नहीं है.

सरकार ने हाल ही में वरीयता और क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व का हवाला देते हुए उत्तराखंड हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के.एम. जोसफ को सुप्रीम कोर्ट में बतौर न्यायाधीश पदोन्नत करने पर अपनी असहमति जताई थी. (इनपुट- एजेंसी)