नई दिल्ली: केंद्र सरकार देश में बढ़ते सड़क हादसों पर नियंत्रण के लिए तमिलनाडु मॉडल अपनाएगी. सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने सोमवार को राज्यसभा में प्रश्नकाल के दौरान बताया कि तमिलनाडु ही एकमात्र राज्य है जिसमें सड़क दुर्घटनाओं में कमी आयी है. तमिलनाडु के मॉडल को देश भर में लागू किया जाएगा. गडकरी ने बताया कि देश में सभी राज्य और राष्ट्रीय स्तर के सभी राजमार्गों पर अधिक दुर्घटनाओं वाले स्थानों (ब्लैक स्पॉट) की पहचान के लिए कार्ययोजना बनाई गई है. इस परियोजना के तहत ब्लैक स्पॉट की पहचान कर इन जगहों को सड़क हादसों के खतरे से मुक्त किया जाएगा. इसके लिए 14 हजार करोड़ रुपए की व्‍यवस्‍था दो अंतरराष्‍ट्रीय संस्‍थाओं के जरिए की जाएगी.

गडकरी ने बताया कि 2018 में देश में सड़क हादसों में मरने वालों की संख्या 1.88 लाख थी. उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्गों पर सड़क हादसों में कमी जरूर आई है और सड़क दुर्घटनाओं पर नियंत्रण के लिए सरकार प्रभावी कदम उठा रही है.

केंद्रीय मंत्री बताया कि उत्तर प्रदेश में पिछले साल सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों में 17 प्रतिशत इजाफा हुआ है, तमिलनाडु एकमात्र राज्य है, जिसमें सड़क दुर्घटनाए कम हुई हैं. इसके मद्देनजर सरकार पूरे देश में तमिलनाडु मॉडल लागू करने की कोशिश कर रही है.

गडकरी ने बताया कि देश में सभी राज्य और राष्ट्रीय स्तर के सभी राजमार्गों पर अधिक दुर्घटनाओं वाले स्थानों (ब्लैक स्पॉट) की पहचान के लिए कार्ययोजना बनाई गई है. उन्होंने बताया कि परियोजना के प्रस्ताव को विश्व बैंक के समक्ष पेश किया गया है. इसमें सात हजार करोड़ रुपए एशियाई विकास बैंक और सात हजार करोड़ रुपए विश्व बैंक से मिलेंगे. इस परियोजना के तहत ब्लैक स्पॉट की पहचान कर इन जगहों को सड़क हादसों के खतरे से मुक्त किया जाएगा.