मुंबई. केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा, एक ट्रांसजेंडर को भी बच्चा हो जाएगा लेकिन महाराष्ट्र के सांगली जिले में एक सिंचाई योजना कभी पूरी नहीं हो पाएगी. वह यहां तेंभू ‘लिफ्ट’ सिंचाई परियोजना के चौथे चरण के पूरा होना पर आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे. गडकरी का यह बयान ऐसे समय में आया है जब उन्होंने मीडिया के एक हिस्से पर उनकी टिप्पणी को ‘‘तोड़मरोड़’’ कर पेश करने करने का आरोप लगाया है. गडकरी ने शनिवार को पुणे में कहा था कि ‘नेतृत्व को हार की जिम्मेदारी’ लेनी चाहिए.

यहां से 375 किलोमीटर दूर पश्चिम महाराष्ट्र में सांगली में एक रैली को संबोधित करते हुये गडकरी ने कहा, तेंभू लिफ्ट सिंचाई योजना की आर्थिक व्यवहार्यता इतनी मुश्किल है कि एक बार मैंने एक व्यक्ति से इसे लेकर अपने विचारों का साझा किया था. मैंने कहा था कि यहां तक कि एक ट्रांसजेंडर को बच्चा हो सकता है लेकिन यह सिंचाई योजना कभी पूरी नहीं हो सकेगी. उन्होंने परियोजना के चौथे चरण के पूरा होने पर खुशी जाहिर की. परियोजना के पांचवें चरण का काम भी जल्द पूरा होने की आशा है. यह लिफ्ट सिंचाई परियोजना, सांगली जिले के शुष्क इलाकों में सिंचाई सुविधाएं देने के लिए कृष्णा नदी घाटी से पानी लेकर पूरी की जानी है.

गडकरी ने दिया था ये बयान
इससे एक दिन पहले गडकरी ने कहा था कि सफलता की तरह कोई विफलता की जिम्मेदारी नहीं लेना चाहता. गडकरी के इस बयान को हाल में तीज राज्यों के रिजल्ट से जोड़कर देखा जा रहा है. मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में बिजेपी को सत्ता से हाथ धोना पड़ा है. गडकरी ने कहा, सफलता के कई दावेदार होते हैं लेकिन विफलता में कोई साथ नहीं होता. सफलता का श्रेय लेने के लिये लोगों में होड़ रहती है लेकिन विफलता को कोई स्वीकार नहीं करना चाहता, सब दूसरे की तरफ उंगली दिखाने लगते हैं. वह यहां पुणे जिला शहरी सहकारी बैंक असोसिएशन लिमिटेड द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में बोल रहे थे.

तोड़-मरोड़ कर पेश करने का आरोप
गडकरी ने ट्विटर पर यह दावा किया कि कुछ विपक्षी दल और मीडिया के एक वर्ग ने उनके बयान को तोड़ मरोड़कर पेश किया है. उन्होंने कहा, यह बहुत स्पष्ट है कि भाजपा 2019 आमचुनाव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लड़ेगी और पार्टी को उचित बहुमत मिलेगा. उन्होंने ट्विटर पर लिखा, पिछले कुछ दिनों में मैंने गौर किया है कि मेरी पार्टी और मुझे नुकसान पहुंचाने के लिए कुछ विपक्षी दल और मीडिया के एक वर्ग की ओर से मेरे बयानों को तोड़-मरोड़कर पेश करने का अभियान चलाया जा रहा है और उसे संदर्भ से अलग इस्तेमाल किया जा रहा है और राजनीति से प्रेरित निष्कर्ष निकाले जा रहे हैं.