नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल में कोविड-19 से मरने वालों की दर सबसे अधिक है. ये जानकारी केन्द्रीय दल ने दी है. प्रमुख सचिव को लिखे अपने पत्र में केन्द्रीय दल ने कहा है कि राज्य में कोरोना से मरने वालों की दर सबसे अधिक 12.8 प्रतिशत है. Also Read - ममता का मोदी सरकार पर निशाना, कहा- हम जान बचाने के लिए काम कर रहे हैं, कुछ लोग हमें हटाने के लिए

केन्द्रीय दल ने प्रमुख सचिव से कहा कि पश्चिम बंगाल में कोविड-19 मृत्यु दर अधिक होना जांच में कमी और कमजोर निगरानी को रेखांकित करता है. बता दें कि कल के आंकड़ों के मुताबिक पश्चिम बंगाल में कोरोना पीड़ितों की संख्या 922 हो गई है. 151 को डिस्चार्ज किया जा चुका है. यहां 33 की मौत हुई है. Also Read - IPL फ्रेंचाइजी का खिलाड़ियों को लेकर बड़ा बयान, सता रहा इस बात का डर

अंतर मंत्रालयी केन्द्रीय दल (आईएमसीटी) के सदस्य अपूर्व चंद्रा ने राज्य के मुख्य सचिव राजीव सिन्हा को अपनी टिप्पणी में कहा कि देश में कोविड-19 मृत्यु दर पश्चिम बंगाल में सबसे अधिक 12.8 प्रतिशत है. दिल्ली लौटने से पहले उन्होंने यह पत्र सिन्हा को लिखा. चंद्रा ने पत्र में कहा, ‘‘ यह उच्च मृत्यु दर जांच में कमी अैर कमजोर निगरानी को दर्शाती है.’’ चंद्रा ने कहा कि मेडिकल बुलेटिन में राज्य द्वारा बताए गए कोविड-19 के मामलों और केन्द्र सरकार को दी गई जानकारी में अंतर है. Also Read - पश्चिम बंगाल बीजेपी में बड़ा फेरबदल, प्रदेश उपाध्यक्ष पद से हटाए गए नेताजी सुभाष चंद्र बोस के पोते

चंद्रा के नेतृत्व में दल दो सप्ताह शहर में बिताने के बाद राष्ट्रीय राजधानी लौट चुका है.

दार्जिलिंग, जलपाईगुड़ी और कलिम्पोंग के लिए IMCT टीम लीडर विनीत जोशी ने सोमवार को कहा, “हम 15 दिनों के बाद आज पश्चिम बंगाल छोड़ रहे हैं. हमने कई स्थानों का दौरा किया और हमारे अवलोकन के अनुसार रिपोर्ट बनाई. केंद्र को रिपोर्ट सौंपी जाएगी. प्राथमिक अवलोकन यह है कि सुधार की आवश्यकता है.”