Central Vista News: केंद्र सरकार ने उच्चतम न्यायालय को बताया कि नए संसद भवन और सेंट्रल विस्टा एवेन्यू का निर्माण राष्ट्रीय महत्व की परियोजना है और यह सुनिश्चित करने के लिए सभी उपाय किए जा रहे हैं कि कोई प्रदूषण न हो. आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय ने एक हलफनामे में कहा कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में निर्माण गतिविधियां केंद्र द्वारा दो भागों में की जा रही हैं. इसमें कहा गया है, ‘‘निर्माण का पहला भाग नए संसद भवन और सेंट्रल विस्टा एवेन्यू से संबंधित है जो राष्ट्रीय महत्व की परियोजनाएं हैं जबकि दूसरा भाग मेट्रो रेल, रेलवे, हवाई अड्डे, आईएसबीटी, आदि है.’’Also Read - पाकिस्तान ने अब लाहौर में बढ़ते प्रदूषण के लिए भी भारत को जिम्मेदार ठहराया

केंद्र ने कहा कि उपरोक्त के अलावा दिल्ली और एनसीआर क्षेत्र में केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (सीपीडब्ल्यूडी) द्वारा की जा रही अन्य सभी निर्माण गतिविधियों को वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग के आदेश के अनुपालन में रोक दिया गया है. आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय, सेंट्रल विस्टा, के निदेशक ने कहा, ‘‘मैं बताना चाहता हूं कि जहां तक ​​संसदीय भवन और सेंट्रल विस्टा एवेन्यू साइट का संबंध है, इसमें निर्माण और विध्वंस अपशिष्ट प्रबंधन नियमों और प्रत्येक शर्त का अनुपालन किया जा रहा है जो यह सुनिश्चित करता है कि इससे कोई प्रदूषण नहीं हो.’’ Also Read - Delhi-NCR Weather Forecast: दिल्ली-एनसीआर के तापमान में आई गिरावट, ठंड बढ़ने की संभावना

हलफनामे में कहा गया है कि जहां तक नए संसद भवन के निर्माण और सेंट्रल विस्टा एवेन्यू के पुनर्विकास का संबंध है, निर्माण और विध्वंस अपशिष्ट प्रबंधन नियमों के तहत विचार किए गए सभी उपायों का अनुपालन किया गया है. हलफनामा उच्चतम न्यायालय के 29 नवंबर, 2021 के आदेश के अनुपालन में दाखिल किया गया है जिसमें उसने केंद्र को अपने कार्य क्षेत्र के तहत सेंट्रल विस्टा परियोजना सहित निर्माण गतिविधियों से संबंधित मुद्दों पर जवाब देने का निर्देश दिया था. उच्चतम न्यायालय ने दिल्ली-एनसीआर की वायु गुणवत्ता में सुधार के लिए तत्काल कदम उठाने के अनुरोध वाली याचिका के जवाब में केंद्र से एक हलफनामा दाखिल करने को कहा था. Also Read - बारिश से धुल गया दिल्ली का प्रदूषण, AQI 'संतोषजनक स्तर' 90 पर पहुंचा; आज भी बारिश का अनुमान

(इनपुट भाषा)